अजमेर, 9 अक्टूबर। जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित परिसंपत्तियों की तत्काल मरम्मत और पुनर्स्थापन को लेकर जिला कलक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष लोकबंधु की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उपखंड स्तरीय समितियों से प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा करना और तकनीकी स्वीकृतियां जारी करना था, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन शीघ्र सामान्य हो सके।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जोर दिया कि जर्जर भवनों, सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं के प्रस्तावों की तकनीकी स्वीकृति जल्द जारी की जाए और दिवाली से पहले कार्य शुरू किया जाए। इससे न केवल प्रभावित इलाकों में सुविधाएं बहाल होंगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।
बैठक में सामने आया कि जिले में कुल 1312 परिसंपत्तियां अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनकी मरम्मत पर अनुमानित 2575.35 लाख रुपये खर्च होंगे। इनमें शिक्षा विभाग के 707 विद्यालय भवन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक निर्माण विभाग के 220 सड़क कार्य, 198 आंगनबाड़ी भवन, पंचायत राज विभाग की 23 परिसंपत्तियां तथा अन्य विभागों की संपत्तियां शामिल हैं। जिला कलक्टर ने सभी विभागों को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बजट स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू किए जाएं, ताकि कोई देरी न हो।
इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर वंदना खोरवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश, सार्वजनिक निर्माण, शिक्षा, जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, महिला अधिकारिता एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक से उम्मीद है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र सुधार होगा और जनजीवन पटरी पर लौटेगा।
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