अजमेर। धार्मिक और पर्यटन नगरी अजमेर में नगर निगम एवं संबंधित विभागों के दावों के बावजूद शहर की अनेक सड़कें और गलियां बदहाल स्थिति में हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी-फूटी सड़कें और गंदगी के ढेर आमजन के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में वर्षों से सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी।
सबसे अधिक खराब स्थिति उत्तर विधानसभा क्षेत्र के दरगाह क्षेत्र की बताई जा रही है। दरगाह बाईपास सड़क लंबे समय से टूटी हुई है, जिससे रोजाना हजारों स्थानीय नागरिकों, जायरीन और पर्यटकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा लाखन कोटड़ी, दिल्ली गेट, नला बाजार, लंगर खाना, अंदरकोट, शीशा खान, पानीग्राम चौक, डिग्गी बाजार और खादिम मोहल्ला जैसे क्षेत्रों की सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर जलभराव, गड्ढों और कचरे के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अजमेर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। ऐसे में शहर की बदहाल सड़कें और गंदगी न केवल आम जनता के लिए परेशानी का कारण हैं, बल्कि शहर की छवि को भी प्रभावित कर रही हैं।
नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि दरगाह क्षेत्र सहित पूरे उत्तर विधानसभा क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों का शीघ्र सर्वे कराकर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब आमजन को सुरक्षित और सुगम सड़कें उपलब्ध हों। – रियाज अहमद मंसूरी
