जयपुर/ भरतपुर|22 जून को भरतपुर के नुमाइश मैदान में आयोजित होने जा रही “जाट हुंकार रैली” को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजकों और समर्थकों का दावा है कि रैली में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी हो सकती है, जिसके चलते डोम का आकार बढ़ाने और 10 हजार से अधिक वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सोशल मीडिया और विभिन्न प्रचार माध्यमों में इसे पूर्वी राजस्थान की सबसे बड़ी सामाजिक-राजनीतिक रैली बताया जा रहा है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल लंबे समय से किसान, युवा और आरक्षण जैसे मुद्दों पर आंदोलनकारी राजनीति करते रहे हैं। भरतपुर की यह रैली केवल जाट आरक्षण तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बेनीवाल की राजनीतिक ताकत और पूर्वी राजस्थान में उनकी पकड़ के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
रैली को लेकर समर्थकों का उत्साह सोशल मीडिया पर साफ दिखाई दे रहा है। कई पोस्टों और वीडियो में दावा किया गया है कि राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग भरतपुर पहुंचेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि रैली में वास्तव में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं तो यह हनुमान बेनीवाल के लिए पूर्वी राजस्थान में एक बड़ा राजनीतिक संदेश होगा। खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरणों और आरक्षण के मुद्दे फिर चर्चा के केंद्र में हैं।
रैली को “राजस्थान की सबसे बड़ी जाट हुंकार” और “हनुमान बेनीवाल की ताकत का सबसे बड़ा प्रदर्शन” बताने वाले दावे फिलहाल आयोजकों और समर्थकों के हैं।
