अजमेर में कबाड़ के गोदाम में लगी आग, बैटरियों के धमाकों से मची अफरा-तफरी

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दमकल और क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची, समय रहते आग पर पाया काबू; पास में गैस सिलेंडर रखे होने की जानकारी से बढ़ी चिंता

अजमेर। अजमेर के पंचशील क्षेत्र के स्टीफन चौराहे के आगे एक कबाड़ के गोदाम में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से वहां रखा कबाड़ और अन्य सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर रखी बैटरियों में धमाके होने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाकों के दौरान बैटरियों के टुकड़े हवा में उछलने से आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की और कुछ ही देर की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण होने से स्थिति को और गंभीर होने से रोका जा सका।

पास में गैस सिलेंडर होने की जानकारी से बढ़ी चिंता

घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगे स्थान के पास ही एक कमरे में एलपीजी गैस सिलेंडर रखे हुए थे। स्थानीय लोगों ने वहां कथित रूप से गैस रिफिलिंग का काम किए जाने की बात भी बताई।

हालांकि गैस सिलेंडरों के भंडारण और कथित रिफिलिंग से संबंधित इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि आग की लपटें गैस सिलेंडरों तक पहुंच जातीं तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। आसपास आबादी और व्यवसायिक गतिविधियां होने के कारण बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

घटना ने शहर में कबाड़ भंडारण की व्यवस्था पर उठाए सवाल

यह घटना के बाद यह सवाल सामने आया है कि रिहायशी अथवा घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़े स्तर पर कबाड़ और पुरानी बैटरियों सहित केमिकल,रंग ,पेंट अन्य संभावित ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किस तरह किया जा रहा है।

शहर में यदि इसी तरह के कबाड़ के गोदाम या संग्रहण केंद्र आबादी के बीच संचालित हो रहे हैं तो प्रशासन को उनका सर्वे कराना चाहिए। जहां नियमों का उल्लंघन मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। बड़े और जोखिम वाले कबाड़ भंडारण केंद्रों,रंग ,पेंट, कैमिकल ,आदि ज्वलनशील पदार्थ को रिहायशी कॉलोनियों, व्यवसायिक क्षेत्र से हटाना चाहिए जिससे भविष्य में होनेवाले संभावित हादसों को रोका  जा सके । प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों की अनदेखी नहीं हो

आज शहरों की सुरक्षा व्यवस्था में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। किसी स्थान पर ज्वलनशील सामग्री, गैस सिलेंडर या अन्य जोखिम वाली वस्तुओं का असुरक्षित भंडारण हो तो प्रशासन को शिकायत या हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते जांच करनी चाहिए।

जनता भी रहे जागरूक

नागरिकों को भी अपने आसपास नजर रखनी होगी। यदि किसी रिहायशी या व्यावसायिक क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कबाड़, पुरानी बैटरियां, ज्वलनशील सामग्री या गैस सिलेंडरों का असुरक्षित भंडारण दिखाई दे तो स्वयं वहां जाकर विवाद करने के बजाय इसकी सूचना पुलिस, नगर निगम, दमकल विभाग या संबंधित सक्षम प्रशासनिक विभाग को दें।

आग लगने के बाद दमकल पहुंचती है, लेकिन आग लगने से पहले खतरे की सूचना देना भी नागरिक जिम्मेदारी है।

इस घटना में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ दिया है—
क्या अजमेर प्रशासन हादसे के बाद कार्रवाई करेगा या हादसा होने से पहले शहर के ऐसे संभावित खतरे वाले स्थानों की जांच करेगा?

वीडियो देखें:

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