सेमरिया में 120 शीशी नशीली कफ सिरप से खुली सप्लाई की कड़ी, फरार प्रमोद उर्फ लाला गिरफ्तार

Spread the love

रफीक खान और प्रभात उर्फ पप्पू की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया नाम; पुलिस के मुताबिक अबेर से खेप आने और सेमरिया तक पहुंचने की जानकारी, जांच का दायरा बढ़ा

रीवा। सेमरिया में नशीली कफ सिरप की बरामदगी से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब एक और गिरफ्तारी तक पहुंच गई है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे प्रमोद शर्मा उर्फ लाला, उम्र 38 वर्ष, निवासी सेमरिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी का नाम पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आया था।मामला महज 120 शीशी कफ सिरप की जब्ती तक सीमित नहीं है। पूछताछ में सामने आई जानकारी ने पुलिस के सामने यह सवाल खड़ा किया है कि नशीली कफ सिरप की खेप सेमरिया तक पहुंचती कैसे थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

120 शीशी और बाइक जब्त होने से शुरू हुई कार्रवाई

सेमरिया पुलिस की पूर्व कार्रवाई में रफीक खान और प्रभात शर्मा उर्फ पप्पू को पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 120 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद की गई। मौके से एक मोटरसाइकिल MP17ML8565 भी जब्त की गई।इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। इसी पूछताछ में कफ सिरप की खरीद और आगे बिक्री से जुड़ी जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया।

पूछताछ में सामने आई खरीद-बिक्री की कड़ी

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कफ सिरप की खेप अबेर निवासी सत्यम सिंह से खरीदी गई थी। इसके बाद इसे सेमरिया निवासी प्रमोद शर्मा को बेचे जाने की जानकारी सामने आई।यही जानकारी पुलिस के लिए फरार प्रमोद तक पहुंचने की अहम कड़ी बनी।

मुखबिर की सूचना ने पहुंचाया आरोपी तक

प्रमोद शर्मा उर्फ लाला की तलाश पुलिस लगातार कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दस्तयाब किया।पुलिस के अनुसार पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

अब सवाल 120 शीशी से आगे का है

पुलिस की कार्रवाई में एक गिरफ्तारी जरूर हुई है, लेकिन जांच के सामने अब बड़ा सवाल सप्लाई चेन का है। कफ सिरप का स्रोत क्या था? खेप किसके माध्यम से आगे बढ़ती थी? कहां-कहां इसकी आपूर्ति होती थी? और इस कारोबार में कितने लोग जुड़े हैं?इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में तलाशे जा रहे हैं।अगर पूछताछ और जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।

जांच में सामने आएगा नेटवर्क का पूरा सच

पुलिस अब कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनकी भूमिका और लेन-देन समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका को अंतिम रूप से तभी स्थापित माना जाएगा, जब जांच के तथ्य और न्यायिक प्रक्रिया उसे प्रमाणित करें।नशीली दवाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सेमरिया पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि एक छोटी खेप की बरामदगी के बाद पूछताछ से कथित सप्लाई की अगली कड़ी तक पुलिस पहुंची है।

कार्रवाई में इनकी भूमिका

इस कार्रवाई में उनि ललन सिंह, आरक्षक प्रबल त्रिपाठी और आरक्षक पंचमलाल प्रजापति की भूमिका बताई गई है। अब निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर है—क्या जांच 120 शीशी की बरामदगी और एक गिरफ्तारी से आगे बढ़कर कथित सप्लाई नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने ला पाती है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *