अरब सागर में ₹3,000 करोड़ से अधिक की ड्रग्स पकड़ी

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ईरानी नाव से 526 किलो हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद, पांच पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार; 16 दिन चला खुफिया अभियान

नई दिल्ली।(एजेंसी) समुद्र के रास्ते भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार भारतीय तटरक्षक बल, गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में अरब सागर में एक संदिग्ध नाव को रोककर करीब 526 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

16 दिन तक चली खुफिया निगरानी

गृह मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर कई दिनों तक संदिग्ध नाव की निगरानी की गई। 14 से 30 सितंबर तक चले अभियान के दौरान समुद्री और हवाई निगरानी के माध्यम से नाव की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने समुद्र में कार्रवाई कर नाव को अपने नियंत्रण में लिया।

लक्षद्वीप के पश्चिम में पकड़ी गई नाव

आधिकारिक विवरण के अनुसार संदिग्ध नाव को भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में, लक्षद्वीप के पश्चिमी क्षेत्र में अरब सागर के भीतर रोका गया। नाव की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ। जब्त सामग्री और नाव को आगे की कानूनी कार्रवाई तथा जांच के लिए मुंबई लाया गया है।

तीन हजार करोड़ से अधिक का अनुमानित मूल्य

सरकारी एजेंसियों के अनुसार जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। बरामद सामग्री में हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल होने की जानकारी दी गई है।

अब निशाने पर पूरा तस्करी तंत्र

इस कार्रवाई के बाद जांच का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे, इनके पीछे कौन लोग हैं और भारत में इनकी संभावित आपूर्ति किसे की जानी थी। अधिकारियों के अनुसार जांच का उद्देश्य केवल बरामदगी तक सीमित न रहकर पूरे तस्करी तंत्र और उसके सहयोगियों तक पहुंचना है।

समुद्री रास्ते से नशे की तस्करी पर कड़ा पहरा

अरब सागर भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। इसी समुद्री मार्ग का इस्तेमाल यदि मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता है तो यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय भी बन जाता है। भारतीय एजेंसियों की यह कार्रवाई समुद्री मार्गों पर निगरानी और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान की गंभीरता को दर्शाती है।

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