शहडोल में दर्दनाक हादसा: BSNL केबल सुधारने गड्ढे में उतरे मजदूर की नाली की दीवार गिरने से मौत, रीवा में परिजनों का प्रदर्शन

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शहडोल/रीवा। ब्यौहारी में आधी रात बीएसएनएल की केबल लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करना एक मजदूर के लिए जानलेवा साबित हुआ। अस्पताल के सामने केबल सुधारने के लिए खोदे गए करीब दो मीटर गहरे गड्ढे में उतरे मजदूर के ऊपर अचानक बगल की नाली की दीवार भरभराकर आ गिरी। मलबे में दबने से मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शहडोल के ब्यौहारी में BSNL केबल सुधारने के दौरान नाली की दीवार गिरने से मजदूर की मौत
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केबल सुधारने गड्ढे में उतरा था मजदूर

मिली जानकारी के मुताबिक रीवा निवासी रामसेवक सोंधिया को बीएसएनएल से जुड़े कर्मचारी काम के सिलसिले में ब्यौहारी लेकर पहुंचे थे। अस्पताल के सामने केबल लाइन में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद मरम्मत के लिए जमीन खोदी गई। करीब दो मीटर गहरे गड्ढे में रामसेवक उतरकर केबल दुरुस्त करने में जुटा था।इसी दौरान गड्ढे के ठीक किनारे मौजूद नाली की दीवार अचानक ढह गई। देखते ही देखते भारी मलबा गड्ढे में जा गिरा और रामसेवक उसके नीचे दब गया। मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने तत्काल बचाव की कोशिश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद उसे मलबे से बाहर निकाला।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

मजदूर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया और घटना की जानकारी परिजनों को दी।पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर रीवा पहुंचे। हादसे से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार रात कॉलेज चौराहे पर करीब 45 मिनट तक प्रदर्शन किया। इसके बाद बीएसएनएल कार्यालय के सामने भी विरोध जताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठाई।

जांच के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला

विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद परिजन वहां से हट गए।इस हादसे ने केबल मरम्मत जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों और कार्यस्थल की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी थी और काम के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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