रीवा शिक्षा महाविद्यालय में सीटें खाली रहने पर कमिश्नर शीलेंद्र सिंह सख्त, बीएड-एमएड में शत-प्रतिशत प्रवेश के निर्देश

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संस्थान विकास समिति की बैठक में शिक्षा व्यवस्था से लेकर लैब, भवन और प्रसाधन कक्षों तक पर हुई विस्तृत समीक्षा; अक्टूबर से दिसंबर तक कार्य पूरे कराने की समयसीमा तय

रीवा शासकीय शिक्षा महाविद्यालय की संस्थान विकास समिति की बैठक में कमिश्नर शीलेंद्र सिंह अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए

रीवा। शासकीय शिक्षा महाविद्यालय की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर बुधवार को आयोजित संस्थान विकास समिति की बैठक में रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने अधिकारियों एवं महाविद्यालयीन प्राचार्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र में बीएड एवं एमएड की निर्धारित सीटों के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के साथ-साथ विज्ञान विषयों की आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित करने, भवनों की मरम्मत और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।महाविद्यालय में निर्धारित सीटों की तुलना में वर्तमान प्रवेश संख्या कम पाए जाने पर कमिश्नर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी संबंधित प्राचार्यों को निर्देशित किया कि बीएड एवं एमएड पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और आगामी सत्र में निर्धारित सीटों को पूरी क्षमता के साथ भरा जाना सुनिश्चित किया जाए।

फिजिक्स, केमिस्ट्री और जूलॉजी की आधुनिक लैब विकसित करने के निर्देश

बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता को सीधे विद्यालयी स्तर से जोड़ते हुए कमिश्नर ने विज्ञान विषय के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और जूलॉजी की उन्नत एवं सर्वसुविधायुक्त प्रयोगशालाएं विकसित करने को कहा गया।कमिश्नर ने निर्देश दिए कि लैब तैयार होने के बाद विज्ञान विषय के शिक्षकों को इन्हीं प्रयोगशालाओं में पाठ्यक्रम आधारित प्रायोगिक कार्य का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि प्रशिक्षण का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंच सके।इसके साथ ही शिक्षा महाविद्यालय में आवश्यक विज्ञान सामग्री एवं उपकरणों की खरीदी 10 अक्टूबर से पहले शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

क्षतिग्रस्त प्रसाधन कक्षों और भवनों की मरम्मत पर भी सख्ती

महाविद्यालय के नवनिर्मित हाल के पीछे बने पुरुष एवं महिला प्रसाधन कक्षों के क्षतिग्रस्त फर्श की स्थिति पर भी कमिश्नर ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फर्श की मरम्मत कराने के साथ ही महाविद्यालय के अन्य कक्षों एवं फर्श की मरम्मत का कार्य अक्टूबर माह तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए।नवीन सभागार में आवाज की प्रतिध्वनि यानी ईको की समस्या के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग को वॉल पैनलिंग, फॉल्स सीलिंग और स्पीकर लगाने का कार्य दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।वहीं नवीन महिला एवं पुरुष प्रसाधन कक्षों के निर्माण में देरी पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। बैठक में बताया गया कि निर्माण का प्रस्ताव फरवरी में पारित हो चुका है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इस पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को 15 दिवस के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

महिला छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर की मरम्मत को मंजूरी

कमिश्नर ने महिला छात्रावास की बाउंड्रीवॉल एवं गेट तथा छात्रावास के समीप स्थित स्टाफ क्वार्टर की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराने की स्वीकृति दी।बारिश के दौरान पुराने भवन की छत से पानी टपकने के कारण अभिलेख एवं अन्य सामग्री खराब होने की स्थिति को देखते हुए उन्होंने लोक निर्माण विभाग को छत की मरम्मत के साथ फॉल्स सीलिंग लगाने के लिए उचित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।कमिश्नर ने सचिव एवं प्राचार्य को महाविद्यालय में आवश्यक सभी मरम्मत कार्यों का एक समेकित एस्टीमेट तैयार करने तथा प्रस्ताव के अनुरूप सभी कार्य दिसंबर माह तक पूर्ण कराने को कहा।

प्राचार्यों का तीन दिवसीय प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रशिक्षण

बैठक में विद्यालयीन प्राचार्यों के लिए तीन दिवसीय प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। इसके अलावा प्राचार्यों के सुझाव पर शिक्षकों की बीएड एवं एमएड कक्षाओं तथा प्रशिक्षण के दौरान मोटिवेशन क्लास आयोजित करने की अनुमति दी गई।कमिश्नर ने बैठक में कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान उसके शिक्षकों और विद्यार्थियों की क्षमता से बनती है। उन्होंने बीएड विद्यार्थियों को इस तरह प्रशिक्षित करने पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के बाद जब वे विद्यालयों में जाएं तो अपने विद्यार्थियों को प्रभावी एवं बेहतर ढंग से अध्यापन करा सकें।उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक उद्देश्य कक्षा-कक्ष में बेहतर शिक्षण की क्षमता विकसित करना होना चाहिए।

खेल मैदान, फर्नीचर और शैक्षणिक सामग्री पर भी चर्चा

संस्थान विकास समिति की बैठक में महाविद्यालय के शैक्षणिक भ्रमण, आकस्मिक व्यय, फर्नीचर एवं विद्युत मरम्मत, वॉलीबॉल मैदान के निर्माण, खेल सामग्री की खरीदी तथा बीएड-एमएड विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली लेखन सामग्री, पाठ योजना, समालोचना पाठ, अवलोकन एवं शैक्षणिक कार्य पुस्तिका सहित कार्यालयीन स्टेशनरी की अनुमानित लागत पर भी चर्चा की गई।बैठक में संस्थान के सदस्यों ने सीमित संसाधनों में बेहतर प्रबंधन के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए।बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, प्राचार्य उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक मार्तंड क्रमांक-1 आरके जैन, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक-3 आरएल दीपंकर, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक-2 सुदामा लाल गुप्ता, शिक्षक राजेश सिंह परिहार सहित अन्य प्राचार्यगण तथा लोक निर्माण विभाग एवं पीआईयू के अधिकारी उपस्थित रहे।

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