भोपाल। जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल के साथ कथित मारपीट का मामला मंगलवार देर रात तक गरमाया रहा। घटना से नाराज करीब 50 अधिवक्ता थाने के बाहर जुटे और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि अधिवक्ता को रास्ते में रोकने के बाद पुलिसकर्मियों से विवाद हुआ और इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई।मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, कांस्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर रिजर्व सेंटर से संबद्ध कर दिया। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की प्राथमिक जांच के आदेश दिए हैं।
रास्ते में रोकने के बाद विवाद का आरोप
शिकायत के मुताबिक अधिवक्ता राकेश रावल को पुलिस ने रास्ते में रोका था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी। अधिवक्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। बाद में उनके साथियों ने मामले को लेकर थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग उठाई।वकीलों की ओर से सामने आए वीडियो में अधिवक्ता के पैरों पर चोट के निशान दिखाई देने का दावा किया गया है। इसी आधार पर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग रखी।
TI समेत तीन पर विभागीय गाज
विवाद बढ़ने के बाद डीसीपी जोन-1 ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में कांस्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप भी शामिल हैं। तीनों को रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है।अधिकारियों के मुताबिक मामले की प्राथमिक जांच सात दिन के भीतर पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों को शामिल किया जा रहा है।
FIR को लेकर देर रात तक अड़े रहे वकील
पुलिसकर्मियों के निलंबन के बावजूद अधिवक्ताओं की मुख्य मांग FIR दर्ज करने की रही। थाने के बाहर देर रात तक वकीलों की मौजूदगी बनी रही और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा गया।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
