सिरमौर चौराहे पर अनशन स्थल पहुंचकर अधिकारियों ने राम शिरोमणि मिश्रा से की सीधी बातचीत; कलेक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण कराने का किया आग्रह, बोले—शासन-प्रशासन को आपके स्वास्थ्य की पूरी चिंता
रीवा। संजय गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान कल्पना मिश्रा की हुई दुखद मौत के मामले में न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन कर रहे मृतका के पिता राम शिरोमणि मिश्रा से मिलने जिला प्रशासन और पुलिस के शीर्ष अधिकारी स्वयं अनशन स्थल पर पहुंचे। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित पिता से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों की इस मुलाकात के दौरान प्रशासन की ओर से परिवार को पूरे मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा दिया गया।अनशन स्थल पर कलेक्टर सूर्यवंशी ने सबसे पहले राम शिरोमणि मिश्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। लगातार अनशन के कारण स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर ने उनसे स्वास्थ्य परीक्षण कराने का विनम्र आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन और प्रशासन को उनके स्वास्थ्य की पूरी चिंता है और किसी भी स्थिति में उनके स्वास्थ्य के साथ जोखिम नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने पीड़ित पिता की पीड़ा को समझते हुए परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरे प्रकरण को गंभीरता से देख रहा है।कलेक्टर ने कहा कि बेटी कल्पना का असमय चले जाना बेहद दुखद है और इस कठिन परिस्थिति में शासन एवं प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रकरण की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह ने भी परिवार से बातचीत कर उनकी बात सुनी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके की स्थिति का जायजा लिया।
अब तक कई स्तरों पर हो चुकी है कार्रवाई
कल्पना मिश्रा की मौत के बाद परिजनों की ओर से उपचार में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। मामले को लेकर शासन स्तर से भी हस्तक्षेप किया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है तथा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने की जानकारी प्रशासन की ओर से दी गई है।प्रकरण में कार्रवाई का दायरा अस्पताल प्रशासन तक भी पहुंचा है। अधीक्षक और डीन को उनके पद से हटाया गया है, जबकि दो नर्सिंग ऑफिसरों और दो चिकित्सकों के निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनशन स्थल पर प्रशासन की मौजूदगी ने दिया सीधा संदेश
आमरण अनशन कर रहे पिता तक स्वयं कलेक्टर और एसपी का पहुंचना इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है। एक ओर परिवार अपनी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़ा है, वहीं प्रशासन की ओर से जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने का भरोसा दिया गया है। फिलहाल सबसे अहम चिंता अनशन पर बैठे राम शिरोमणि मिश्रा के स्वास्थ्य को लेकर है, जिसके चलते कलेक्टर ने उन्हें तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आग्रह किया है। कल्पना मिश्रा की मौत का मामला अब केवल अस्पताल की व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा है; जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और पीड़ित परिवार की न्याय की मांग—तीनों मोर्चों पर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर पूरे रीवा की नजर बनी हुई है।
