राजस्थान में शिकायतों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, सरकारी दफ्तरों में निगरानी से निस्तारण तक

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जयपुर। राजस्थान सरकार ने सरकारी विभागों में आमजन की शिकायतों और परिवादों के समयबद्ध निस्तारण तथा उनकी निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्रवाई तेज की है। सरकार के विभिन्न विभागों में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा और उनके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
राजस्थान सरकार का राजस्थान सम्पर्क पोर्टल नागरिकों को घर बैठे शिकायत दर्ज कराने और उसकी स्थिति जानने की सुविधा देता है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय नागरिक को मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने तथा पूर्व में दर्ज शिकायत का संदर्भ देने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर
राजस्थान के सरकारी विभागों के हालिया आदेशों से स्पष्ट है कि शिकायतों को केवल दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। उदाहरण के तौर पर कॉलेज शिक्षा विभाग ने 2 जुलाई 2026 के आदेश के आधार पर अधिकारियों को राजस्थान सम्पर्क पोर्टल से प्राप्त परिवादों के त्वरित निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसी विभाग ने मार्च 2026 में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लंबित परिवादों के निस्तारण के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक भी आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे। इससे यह संकेत मिलता है कि लंबित शिकायतों की विभागीय स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है ।
शिकायतकर्ता को भी मिलती है ऑनलाइन सुविधा
राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय समस्या को यथासंभव पूर्ण और बिंदुवार लिखने तथा मोबाइल नंबर देने की व्यवस्था है, ताकि संबंधित सूचना SMS के माध्यम से दी जा सके।
सिर्फ राजस्थान सम्पर्क ही नहीं, विभागीय ऑनलाइन सिस्टम भी सक्रिय कई विभागों ने अपनी शिकायतों के लिए अलग डिजिटल व्यवस्था भी विकसित की है। उदाहरण के लिए राजस्थान लोक निर्माण विभाग का ‘सुगम पथ’ पोर्टल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति जांचने की सुविधा उपलब्ध कराता है।
खबर की असली तस्वीर क्या है?
राजस्थान में शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने, संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने, लंबित मामलों की समीक्षा और समयबद्ध निस्तारण पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
इस व्यवस्था का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की निगरानी कितनी प्रभावी होती है और गलत अथवा केवल कागजी निस्तारण करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
नागरिकों के लिए: शिकायत दर्ज करते समय पूरा विवरण, संबंधित दस्तावेज और मोबाइल नंबर पर शिकायत संख्या सुरक्षित रखनी चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसके निस्तारण की स्थिति पर फॉलोअप लिया जा सके ।

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