जयपुर: राजस्थान सरकार का सख्त अतिक्रमणकारियों की फोटो, नाम और कब्जे का क्षेत्र सार्वजनिक होगा; कार्रवाई नहीं हुई तो FIR
जयपुर। राजस्थान की ग्राम पंचायतों की चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी चारागाह भूमि पर कब्जा जमाकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब कार्रवाई को महज नोटिस तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग की ओर से जारी निर्देश में सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को ग्राम पंचायत क्षेत्रों की चारागाह भूमि में हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे बड़े 10 अतिक्रमणकारियों की बनेगी सूची
विभागीय निर्देश के अनुसार चारागाह भूमि पर कब्जा करने वालों की पहचान कर सबसे बड़े 10 अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार की जानी है। इसके बाद संबंधित अतिक्रमणकारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की व्यवस्था भी निर्देशित की गई है।
निर्देश में कहा गया है कि अतिक्रमणकारियों की फोटो, नाम और अतिक्रमित भूमि के माप सहित विवरण ग्राम पंचायत भवन, प्रमुख स्थानों तथा समाचार पत्र में प्रकाशित कराया जाए।
नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाया तो FIR
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 165 के तहत कार्रवाई की जाए। अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति को नियमानुसार कार्रवाई के लिए नोटिस दिया जाएगा।
यदि इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो FIR दर्ज करवाकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए और की गई कार्रवाई से विभाग को 15 दिवस के भीतर अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
चारागाह जमीन पर कब्जा अब प्रशासन के रडार पर
चारागाह भूमि गांवों की सार्वजनिक संपत्ति मानी जाती है और इसका उपयोग सामुदायिक जरूरतों तथा पशुधन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकारी भूमि पर निजी कब्जों को लेकर जारी यह निर्देश अतिक्रमणकारियों के लिए बड़ा संदेश है।
अब सवाल यह है कि जिलों में कितनी चारागाह भूमि अतिक्रमण की चपेट में है और कार्रवाई की जद में आने वाले सबसे बड़े अतिक्रमणकारी कौन हैं? यदि निर्देशों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो वर्षों से सरकारी जमीन पर जमे कब्जों पर बड़ा प्रशासनिक शिकंजा कस सकता है।
दस्तावेज आधारित तथ्य: प्रस्तुत पत्र राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग का है। इसमें विषय “चारागाह भूमि पर किये गए अतिक्रमण हटाये जाने बाबत” है। पत्र पर दिनांक 07 अगस्त 2024 अंकित दिखाई दे रही है। इसलिए इसे वर्तमान 2026 का नया आदेश बताने के बजाय 2024 में जारी सरकारी निर्देश के रूप में प्रकाशित करना तथ्यात्मक रूप से उचित होगा।
