जयपुर। तकनीक जहां शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने का दावा कर रही है, वहीं राजस्थान विश्वविद्यालय में हुई एक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए जब एम.ए. समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में छात्रों को प्रश्नपत्र की जगह उत्तर-संबंधी सामग्री थमा दी गई। मामला इतना गंभीर था कि विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार 16 जून को दोपहर 3 बजे परीक्षा शुरू हुई। छात्रों ने जैसे ही प्रश्नपत्र खोला, उन्हें एहसास हुआ कि उसमें प्रश्नों के बजाय उत्तर या उत्तर-कुंजी जैसी सामग्री छपी हुई है। परीक्षा कक्षों में हड़कंप मच गया और कुछ ही मिनटों में यह सूचना अधिकारियों तक पहुंच गई।
प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया गया था और तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण अंतिम दस्तावेज में प्रश्नों की जगह उत्तर छप गए। हालांकि इस दावे की विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है।
मामले के सामने आने के बाद परीक्षा तत्काल निरस्त कर दी गई। छात्रों ने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए और संबंधित परीक्षा को नई तिथि पर आयोजित करने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना के अनुसार एम.ए. समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा अब 27 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
यह भी देखें:-

यह घटना केवल एक परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं है। इसने उच्च शिक्षा संस्थानों में AI के उपयोग, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, मानवीय निगरानी और जवाबदेही जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। यदि वास्तव में AI आधारित प्रक्रिया में चूक हुई है तो यह भविष्य के लिए चेतावनी है कि तकनीक पर पूरी तरह निर्भरता बिना पर्याप्त मानवीय जांच के भारी पड़ सकती है।
परीक्षा तत्काल रोकी गई और प्रश्नपत्र वापस लिए गए।विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर जांच के आदेश दिए। नई परीक्षा तिथि 27 जून 2026 घोषित की गई।
सोर्स: IANS/EdexLive,The Times of India राजस्थान विश्वविद्यालय की आधिकारिक परीक्षा अधिसूचना।
