जोबनेर के चर्चित पोक्सो प्रकरण में अदालत का ऐतिहासिक फैसला, सहयोगी भी दोषी करार
जयपुर, 10 जून। जयपुर जिले के जोबनेर क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बहुचर्चित मामले में पोक्सो न्यायालय ने बुधवार को कड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी शिक्षक अफजल खान तथा उसके सहयोगी रामस्वरूप को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामला जनवरी 2024 का है, जब नाबालिग छात्रा के परिजनों ने जोबनेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए स्कूल शिक्षक अफजल खान पर संदेह जताया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरियाणा के सिरसा से आरोपी को गिरफ्तार कर छात्रा को सुरक्षित बरामद किया था।
जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए थे। बाद में इन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार छात्रा को ब्लैकमेल करता रहा और कई स्थानों पर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। एक जनवरी 2024 को आरोपी ने अपने सहयोगी रामस्वरूप के साथ मिलकर छात्रा का अपहरण भी किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे “केस ऑफिसर स्कीम” के तहत लिया गया। तत्कालीन अनुसंधान अधिकारी एसआई धर्मसिंह गुर्जर ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर रिकॉर्ड समय में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने प्रभावी पैरवी करते हुए 16 गवाहों के बयान, 68 दस्तावेज और 12 महत्वपूर्ण साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पेश किए।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. कैलाश चन्द्र अटवासिया ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। मुख्य आरोपी अफजल खान को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2.75 लाख रुपये जुर्माने तथा सहयोगी रामस्वरूप को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 1.75 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मजबूत जांच, तकनीकी साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के कारण पीड़िता को न्याय मिल सका तथा दोषियों को उनके अपराध की कठोर सजा मिली।
