निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत : अजय शर्मा
अजमेर।
हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तपस्वी भवन में आयोजित हिंदी पत्रकारिता महोत्सव विचारों, विमर्श और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर गंभीर चिंतन का सशक्त मंच बना। लाडो रानी लक्ष्मीबाई संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य अतिथि एवं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा ने कहा कि दो सौ वर्ष पूर्व की पत्रकारिता और आज की पत्रकारिता में व्यापक परिवर्तन आया है। तकनीकी क्रांति और डिजिटल युग ने सूचना के प्रसार को तेज बनाया है, लेकिन इसके साथ ही पत्रकारिता के समक्ष कई नई चुनौतियां भी खड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक, निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता अनिवार्य है। पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि बदलते मीडिया परिदृश्य में प्रिंट मीडिया अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहा है, फिर भी उसकी विश्वसनीयता आज भी कायम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. कुलदीप शर्मा ने अपनी काव्यात्मक प्रस्तुति के माध्यम से पत्रकार के संघर्ष, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रहलाद यादव, प्रदेश अध्यक्ष रचना यादव, जिला अध्यक्ष रेनू श्रीवास्तव, सलाहकार मंत्री सुनीता भार्गव तथा मीडिया प्रभारी प्रीति राठौड़ ने अतिथियों, पत्रकारों और उपस्थित जनों का स्वागत किया।इस अवसर पर देवेंद्र त्रिपाठी,देवेंद्र सक्सेना,राम सिंह उदावत, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. लाल थदानी, विजय कुमार शर्मा, सरला शर्मा, अखिलेश जैन और अरुण बाहेती सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले पत्रकारों का सम्मान भी किया गया।
