सीमा सुरक्षा पर अमित शाह सख्त, घुसपैठियों की पहचान कर वापस भेजने के दिए निर्देश

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भुज में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक; सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव, हवाला नेटवर्क और कट्टरपंथी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने पर जोर

भुज/नई दिल्ली।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने शनिवार को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, सीमावर्ती जिलों के जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।

बैठक में अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण गुजरात की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में घुसपैठ और सीमा पार तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।

गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलावों की नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए, जिसमें अवैध रूप से बसे घुसपैठियों, ड्रोन गतिविधियों और नार्को नेटवर्क की पहचान को प्राथमिकता दी जाए।

शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने पर जोर दिया। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथी गतिविधियों और उनके संभावित केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस थाने से लेकर पटवारी स्तर तक सभी अधिकारी समन्वित रूप से कार्य कर पहले से बसे अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में सीमावर्ती जिलों में हवाला लेनदेन, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, संदिग्ध वाहनों और जीएसटी संग्रह की गहन निगरानी का भी निर्णय लिया गया। अमित शाह ने आयकर विभाग, आरबीआई, बीएसएफ, तटरक्षक बल, ईडी तथा अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्रत्येक जिले में सुरक्षा समन्वय समूह गठित करने के निर्देश दिए।

गृह मंत्री ने तटीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा सीमांत गांवों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर भी बल दिया।

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