अजमेर/कोटा/झालावाड़ । राजस्थान के झालावाड़ जिले के झितापुरा गांव से सामने आई घटना ने एक बार फिर उस कहावत को सच साबित कर दिया—“जाको राखे साईं, मार सके ना कोई।” जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी को मौत के कुएं में धकेल दिया, वहीं किस्मत और संयोग ने उसकी सांसों की डोर थामे रखी।
रविवार शाम खेत पर ले जाकर पति ने पत्नी को कुएं में झांकने को कहा और पीछे से धक्का दे दिया। करीब 60 फीट गहरे कुएं में गिरना किसी भी इंसान के लिए मौत का कारण बन सकता था, लेकिन यहां एक छोटा सा संयोग जीवन का रक्षक बन गया—कुएं में पानी बेहद कम, महज चार फीट के आसपास था। गिरते ही महिला ने पत्थर पकड़कर खुद को संभाल लिया और किसी तरह खड़ी रही।
घटना के बाद आरोपी पति ने सच छुपाने की कोशिश भी की। उसने महिला के भाई को फोन कर गुमराह किया कि उसकी बहन कहीं गायब हो गई है। लेकिन जब परिजन गांव पहुंचे और खोजबीन शुरू हुई, तो सच्चाई कुएं के भीतर से सामने आई। ग्रामीणों की मदद से महिला को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। हैरानी की बात यह है कि करीब 20 साल पुराने इस वैवाहिक रिश्ते में पहले किसी बड़े विवाद की बात सामने नहीं आई थी। ऐसे में यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या यह अचानक का गुस्सा था या किसी गहरी साजिश की कहानी?
इस पूरे घटनाक्रम ने समाज को एक कड़ा संदेश भी दिया है—कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच का फासला बस एक संयोग का होता है। अगर कुएं में पानी ज्यादा होता, तो यह कहानी आज एक हादसे नहीं, बल्कि एक मौत की खबर बन चुकी होती।
👉 अंत में यही सच उभरकर सामने आता है—
जब तक ऊपरवाले की मर्जी न हो, तब तक सबसे गहरी खाई भी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
