खरात केस से जुड़ा नाम, हाईवे पर मौत—सिर्फ हादसा या कुछ और?

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नई दिल्ली।(मीडिया) महाराष्ट्र के समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 17 अप्रैल 2026 को हुआ एक भीषण सड़क हादसा अब केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि कई गंभीर सवाल खड़े करता जा रहा है। इस हादसे में अशोक खरात उर्फ स्वयंभू बाबा से जुड़े कारोबारी और ट्रस्ट पदाधिकारी डॉ. जितेंद्र शेलके तथा उनकी पत्नी की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल है। आधिकारिक तौर पर पुलिस ने इसे सड़क दुर्घटना मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज की है, लेकिन जिस संदर्भ में यह घटना हुई है, उसने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।

पुलिस के मुताबिक शेलके परिवार संभाजीनगर से शिरडी लौट रहा था, तभी उनकी कार एक कंटेनर ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार ट्रक के नीचे जा घुसी। हालांकि जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रक सड़क किनारे खड़ा था या चल रहा था—और यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल बन चुका है। हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहन की मौजूदगी अपने आप में गंभीर लापरवाही या किसी बड़े खेल की ओर इशारा कर सकती है।

डॉ. शेलके का नाम अशोक खरात से जुड़े उस बहुचर्चित प्रकरण में सामने आया था, जिसमें महिलाओं के शोषण और ब्लैकमेल जैसे आरोपों की जांच चल रही है। शेलके को इस नेटवर्क का करीबी और अंदरूनी व्यक्ति माना जाता था। यही वजह है कि उनकी अचानक हुई मौत ने “सिर्फ हादसा” वाली थ्योरी को कमजोर कर दिया है और इसे एक संभावित कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ नेताओं ने खुले तौर पर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, यह पूछते हुए कि क्या यह महज एक संयोग है या फिर किसी अहम कड़ी को रास्ते से हटाने की कोशिश। हालांकि अब तक किसी भी जांच एजेंसी ने साजिश की पुष्टि नहीं की है और न ही हत्या के तहत कोई मामला दर्ज हुआ है।

जांच एजेंसियां फिलहाल ट्रक चालक से पूछताछ, वाहन की तकनीकी जांच, फॉरेंसिक विश्लेषण और एक्सीडेंट रिकंस्ट्रक्शन पर काम कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और वाहन की मैकेनिकल रिपोर्ट इस केस की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

फिलहाल यह मामला आधिकारिक रूप से एक सड़क हादसा है, लेकिन परिस्थितियां इसे एक सामान्य दुर्घटना मानने से रोकती हैं। सच क्या है—एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा या सुनियोजित साजिश—यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। तब तक यह घटना एक ऐसे रहस्य के रूप में सामने है, जिसमें हर तथ्य के पीछे एक बड़ा सवाल छिपा हुआ है।

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