जयपुर/ बालोतरा । राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में भड़की, जिसके बाद आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार उठता हुआ दूर-दूर तक दिखाई दिया। यह घटना ऐसे समय हुई जब अगले ही दिन यहां प्रधानमंत्री द्वारा रिफाइनरी का उद्घाटन प्रस्तावित था, जिससे घटना ने और अधिक संवेदनशीलता और ध्यान आकर्षित किया।
आग लगते ही रिफाइनरी प्रबंधन ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया और फायर ब्रिगेड सहित सभी सुरक्षा एजेंसियां मौके पर सक्रिय हो गईं। दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत की बात मानी जा रही है। हालांकि, तकनीकी उपकरणों और यूनिट को कुछ नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक नुकसान का आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
करीब 79,450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह रिफाइनरी देश की महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 9 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह को लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे, जिनमें हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती शामिल थी।
फिलहाल आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है और स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। विशेषज्ञ टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, उद्घाटन कार्यक्रम पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई तस्वीरों और दावों में अतिशयोक्ति पाई गई है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
