नई दिल्ली । (एजेंसी)भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश के सभी समाचार टीवी चैनलों के TRP (टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स) की रिपोर्टिंग को चार सप्ताह के लिए तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश जारी किया है। यह निर्देश (BARC) को दिया गया है, जो भारत में टीवी दर्शक संख्या और रेटिंग का आधिकारिक आंकड़ा जारी करने वाली संस्था है।
क्या है पूरा मामला
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि खाड़ी देशों के मौजूदा हालातों पर कुछ समाचार चैनल अत्यधिक सनसनीखेज और अटकलों पर आधारित खबरें प्रसारित कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की रिपोर्टिंग से देश में और विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच अनावश्यक डर और घबराहट फैल सकती है।
आदेश के अनुसार, न्यूज़ चैनलों की रेटिंग की होड़ कई बार चैनलों को अधिक टीआरपी हासिल करने के लिए सेंसेशनल कंटेंट दिखाने की ओर धकेल देती है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने यह अस्थायी कदम उठाया है।
कितने समय के लिए रोकी गई TRP
सरकार ने BARC को निर्देश दिया है कि न्यूज़ चैनलों की TRP रिपोर्टिंग चार सप्ताह तक रोकी जाए, या फिर मंत्रालय द्वारा आगे कोई नया आदेश जारी होने तक इसे स्थगित रखा जाए।
किस नियम के तहत लिया गया फैसला
मंत्रालय ने अपने आदेश में 2014 में जारी टीवी रेटिंग एजेंसियों के नीति दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है। इन दिशा-निर्देशों की धारा 24.2 के अनुसार BARC को मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों और निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
मीडिया जगत में हलचल
सरकार के इस फैसले के बाद न्यूज़ इंडस्ट्री और मीडिया विशेषज्ञों के बीच बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सनसनीखेज पत्रकारिता पर लगाम लगाने का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मीडिया की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल अगले चार सप्ताह तक न्यूज़ चैनलों के बीच रेटिंग की प्रतिस्पर्धा थमने की संभावना है, जिससे यह भी देखा जाएगा कि क्या इससे समाचार प्रसारण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी में सुधार आता है या नहीं।
