इंडिगो संकट पर पीएम मोदी की कड़ी नजर, शीर्ष अधिकारियों को तलब — सरकार ने मांगी जवाबदेही

Spread the love

नई दिल्ली। (एजेंसी) देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों परिचालन संकट से जूझ रही है। लगातार उड़ानें रद्द होने, देरी और यात्रियों की परेशानियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए एयरलाइन प्रबंधन से सीधी रिपोर्ट तलब की है। वहीं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों को बैठक में बुलाकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।

उड़ान रद्दी और देरी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

नए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियम लागू होने के बाद पायलटों और क्रू की शेड्यूलिंग गड़बड़ा गई, जिसका सीधा असर परिचालन पर पड़ा। हजारों यात्री पिछले कई दिनों से रद्द उड़ानों, देरी और रिफंड समस्याओं से जूझ रहे थे। स्थिति बिगड़ते ही मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचा।

PMO ने CEO से की बात, मंत्रालय की सख्ती

PMO ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स से सीधे संपर्क कर हालात की विस्तृत जानकारी मांगी। मंत्रालय ने एयरलाइन की शीर्ष टीम को तलब कर निर्देश दिए कि—

उड़ान संचालन शीघ्र सामान्य किया जाए

यात्रियों को फुल रिफंड और फीस माफी दी जाए

किसी भी परिस्थिति में यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न दिया जाए

हर 15 दिन में सुधार रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाए

किराए पर भी सरकार का नियंत्रण

उड़ानों की कमी के कारण बढ़ते किराए को देखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई रूट्स पर fare-cap लागू कर दिए ताकि यात्रियों से मनमानी वसूली न हो।

इंडिगो ने दिए ताबड़तोड़ निर्देश, यात्रियों को राहत

सरकारी सख्ती के बाद इंडिगो ने कई घोषणाएँ कीं—

रद्द उड़ानों का ऑटोमैटिक रिफंड

री-शेड्यूलिंग पर फीस माफी

परिचालन सुधार के लिए अतिरिक्त क्रू की तैनाती

रद्दीकरण में कमी लाने का दावा

अभी भी निगरानी में एयरलाइन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक इंडिगो परिचालन पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी। DGCA ने भी एयरलाइन की पूर्व रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए समयबद्ध समाधान की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *