रीवा। संजय गांधी स्मृति अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद उठे सवाल अब महज जांच और कार्रवाई की मांग तक सीमित नहीं रह गए हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की आवाज अब धरना स्थल तक पहुंच चुकी है। इस लड़ाई में रीवा के वरिष्ठ और बेबाक पत्रकार अर्पित पाण्डेय स्वयं मैदान में उतर चुके हैं और धरना स्थल पर उपस्थित होकर पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे हैं। अर्पित पाण्डेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से रीवा की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि जब तक कल्पना मिश्रा और उनके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उनकी इस अपील के बाद न्याय की मांग को लेकर चल रही मुहिम में नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। मामले को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते जनाक्रोश के बीच दिल्ली में जनआंदोलन के लिए चर्चित अभिजीत दीपके को भी रीवा आने का आमंत्रण दिए जाने की बात सामने आई है। यदि वे रीवा पहुंचते हैं तो स्थानीय स्तर पर चल रही न्याय की इस लड़ाई को व्यापक जनसमर्थन मिलने की संभावना है। कल्पना मिश्रा प्रकरण में अब लड़ाई केवल अस्पताल की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी तय किए जाने तक सीमित नहीं दिखाई दे रही है। पीड़ित परिवार के समर्थन में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर आवाजें उठ रही हैं, वहीं पत्रकार और आम नागरिक भी निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।ऐसे समय में अर्पित पाण्डेय का धरना स्थल पर पहुंचना आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलम के माध्यम से सवाल उठाने के साथ अब उनका स्वयं धरना स्थल पर मौजूद होना इस बात का संदेश है कि कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की लड़ाई को वे केवल खबर के रूप में नहीं, बल्कि जनसरोकार के मुद्दे के रूप में देख रहे हैं।
