वार्ड-16 की अंतिमा यादव और पति संजय यादव का मतदान के बाद नहीं मिला सुराग, परिजनों की शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी
कोटा/ बारां नगर परिषद चुनाव में मतदान समाप्त होने के कुछ घंटे बाद बारां के वार्ड-16 से भाजपा प्रत्याशी अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से चुनावी माहौल में सनसनी फैल गई। दोनों के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दोनों की तलाश और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, अंतिमा यादव की सास अंगुरी बाई ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। शिकायत में बताया गया कि बुधवार को अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव आंबेडकर भवन स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करने के लिए घर से निकले थे। मतदान के बाद दोनों वापस घर नहीं लौटे। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
परिजनों के मुताबिक, आसपास पूछताछ के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि बुधवार शाम कुछ अज्ञात लोग दोनों को अपने साथ ले गए। इसी सूचना के बाद परिवार थाने पहुंचा और पुलिस को घटनाक्रम बताया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के संबंध में जांच शुरू करते हुए दोनों की तलाश तेज कर दी है।
मामला दर्ज कराने के दौरान अंतिमा यादव की मां कृष्णा बाई भी थाने पहुंचीं। बेटी और दामाद के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है।
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चुनाव के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
वार्ड-16 अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है और यहां से अंतिमा यादव भाजपा की प्रत्याशी थीं। मतदान के तुरंत बाद प्रत्याशी के लापता होने की खबर ने चुनावी चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, इस घटनाक्रम के पीछे किसी राजनीतिक कारण या किसी व्यक्ति की संलिप्तता की अभी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे केवल परिजनों द्वारा जताई गई अपहरण की आशंका के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इसी बीच एक अन्य रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बारां में मतदान के बाद भाजपा प्रत्याशियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजे जाने की कवायद चल रही थी और अंतिमा यादव से संपर्क नहीं हो पाने की बात सामने आई। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार के हवाले से बताया गया कि पार्टी के अन्य प्रत्याशियों को जयपुर भेजा गया था।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंतिमा यादव और संजय यादव मतदान केंद्र से निकलने के बाद कहां गए, उनके मोबाइल की आखिरी लोकेशन क्या थी और क्या वे वास्तव में किसी के साथ गए थे या मामला कुछ और है। पुलिस की जांच और दोनों की बरामदगी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
