रीवा के दुआरी गांव में नाले में मिली युवक की लाश का सनसनीखेज खुलासा, पहले साथ बैठकर शराब पी और फिर धारदार हथियार से कर दी हत्या; शव नाले में फेंककर हादसे का रूप देने की कोशिश

खुलासा प्रतिनिधि, रीवा।दोस्ती के रिश्ते पर भरोसा करना आसान है, लेकिन जब उसी दोस्त के भीतर ईर्ष्या और प्रतिद्वंद्विता जन्म ले ले तो यही भरोसा जानलेवा भी साबित हो सकता है। रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र के दुआरी गांव में सामने आए हत्याकांड ने कुछ ऐसी ही कहानी बयां की है। 28 अगस्त को डैम के पास नाले में मिले 30 वर्षीय मोहम्मद इसरार के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने उसके ही करीबी दोस्त आशीष कोल को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के मुताबिक हत्या की वजह दोनों के बीच एक ही लड़की को लेकर चल रहा विवाद और उससे जुड़ी कथित ईर्ष्या थी।इसरार 26 अगस्त से लापता था। परिवार उसकी तलाश में जुटा हुआ था, तभी दो दिन बाद दुआरी गांव में डैम के पास नाले में उसका शव बरामद हुआ। शरीर और गले पर धारदार हथियार के निशान मिलने के बाद पुलिस ने इसे हत्या मानकर जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर मामला जितना उलझा हुआ दिखाई दे रहा था, तकनीकी जांच आगे बढ़ने के साथ तस्वीर उतनी ही साफ होती चली गई।
मोबाइल ने खोला दोस्ती के पीछे छिपे राज का दरवाजा
पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जांच की अहम कड़ी बनाया। इसी दौरान जांच की दिशा इसरार के करीबी दोस्त आशीष कोल की ओर मुड़ी। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आशीष से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ने पर हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई।जांच में सामने आया कि इसरार और आशीष दोनों एक ही लड़की को पसंद करते थे। कथित तौर पर आशीष को यह बात खटकती थी कि लड़की इसरार के ज्यादा करीब है। यही मनमुटाव धीरे-धीरे दोस्ती के बीच दरार बनाता गया और आखिरकार मामला खूनी वारदात तक पहुंच गया।
साथ बैठकर शराब पी, फिर खूनी खेल
पुलिस के अनुसार वारदात वाले दिन आशीष ने इसरार को बहाने से अपने पास बुलाया। दोनों साथ बैठे और शराब पी। इसी दौरान लड़की को लेकर पुराना विवाद फिर भड़क उठा। बात बढ़ी तो आशीष ने धारदार हथियार से इसरार पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक गले और शरीर पर किए गए हमलों के कारण इसरार की मौत हो गई।हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को वहां से हटाकर नाले में डाल दिया। पुलिस के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया, ताकि वारदात की असली वजह और आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो तथा घटना को किसी हादसे की तरह देखा जाए।
दो दिन बाद मिली लाश, फिर पुलिस ने जोड़ा एक-एक सुराग
26 अगस्त को लापता हुए इसरार का शव 28 अगस्त को मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्यारे तक पहुंचना थी। मौके से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जांच के साथ पुलिस ने मृतक के संपर्क में रहे लोगों की गतिविधियों को खंगाला। कॉल डिटेल और लोकेशन की कड़ियों ने जांच को आगे बढ़ाया और शक के घेरे में आया वही व्यक्ति, जिस पर इसरार सबसे ज्यादा भरोसा करता था।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने आरोपी आशीष कोल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
दोस्ती, प्यार और ईर्ष्या की इस कहानी ने एक जिंदगी छीन ली
दुआरी हत्याकांड में पुलिस की कहानी के मुताबिक जिस दोस्ती पर इसरार को भरोसा था, वही उसकी मौत की वजह बन गई। एक ही लड़की को लेकर पैदा हुई कथित प्रतिस्पर्धा ने दो दोस्तों के रिश्ते को इस कदर बदल दिया कि अंत में एक की जान चली गई और दूसरा सलाखों के पीछे पहुंच गया।फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मामूली दिखने वाला विवाद कब खतरनाक जुनून में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना कितना मुश्किल है।
