नेशनल हेराल्ड मामला कोर्ट ने ED की याचिका खारिज, फैसले के बाद कांग्रेसियों में उत्साह

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Ajmer । नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फैसला कांग्रेस के लिए किसी धमाके दार जीत से कम नहीं है। अदालत द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत को खारिज कर दिया । कांग्रेस ने इसे सत्ता पर सत्य की विजय बताया । कोर्ट के इस निर्णय के बाद न केवल पार्टी नेतृत्व बल्कि देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

इसी कड़ी में आज अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में सैकड़ों की तादात में जिला कलेक्टर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया । कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह फैसला उस राजनीति का करारा जवाब है, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाने की कोशिश की जाती रही है।

कांग्रेस का कहना है कि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नेशनल हेराल्ड मामले में PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) का कोई मामला बनता ही नहीं। पार्टी नेताओं के अनुसार यह फैसला न केवल गांधी परिवार की छवि पर लगे आरोपों को खारिज करता है, बल्कि लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भरोसा भी मजबूत करता है।

अजमेर में हुए इस प्रदर्शन में अजमेर महिला कांग्रेस, राजस्थान कांग्रेस तथा पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। महिला कांग्रेस की नेता और कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताते हुए कहा कि सच्चाई चाहे जितनी देर से सामने आए, अंततः जीत उसी की होती है।

देश के विभिन्न राज्यों में भी कांग्रेस कार्यालयों और कार्यकर्ता चौपालों पर इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है। ढोल-नगाड़ों, मिठाइयों और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने इसे कांग्रेस की बड़ी जीत बताया। पार्टी का दावा है कि यह फैसला आगामी राजनीतिक संघर्षों में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगा और संगठन को नई ऊर्जा देगा।

कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि पार्टी किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है। न्यायालय के इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि सत्य और संविधान के रास्ते पर चलने वालों की जीत निश्चित होती है। नेशनल हेराल्ड मामले का यह निर्णय कांग्रेस के लिए केवल एक कानूनी राहत नहीं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक रूप से भी एक बड़ा संदेश बनकर सामने आया है।

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