अजमेर में चुनावी शोर थमा, अब वोट की बारी

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80 वार्डों में कल फैसला करेंगे 4.38 लाख से ज्यादा मतदाता, भाजपा-कांग्रेस के साथ बागियों ने बढ़ाई धड़कन

अजमेर। अजमेर नगर निगम चुनाव का प्रचार बुधवार शाम 5 बजे थम गया। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से सड़कों, गलियों और वार्डों में चल रहा चुनावी शोर अब खामोश है, लेकिन राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। शुक्रवार 11 सितंबर को अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के मतदाता ईवीएम में अपना फैसला दर्ज करेंगे।

इस चुनाव में अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के लिए करीब 4.38 लाख मतदाता मतदान के पात्र हैं। राज्य में दूसरे चरण के तहत अजमेर सहित छह नगर निगमों में मतदान होगा। प्रदेशभर में दूसरे चरण में 147 नगरीय निकायों के 4,774 वार्डों के लिए 87,60,884 मतदाता और 18,266 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।

भाजपा-कांग्रेस के लिए सिर्फ चुनाव नहीं, प्रतिष्ठा की लड़ाई

अजमेर में इस बार मुकाबला केवल भाजपा बनाम कांग्रेस तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। दोनों प्रमुख दलों के बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने कई वार्डों में मुकाबले को त्रिकोणीय और कहीं-कहीं बहुकोणीय बना दिया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अजमेर के 80 वार्डों में 360 प्रत्याशी मैदान में हैं और दोनों प्रमुख दलों के बागी उम्मीदवार पार्टी के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की स्थिति में हैं।

यही कारण है कि चुनावी गणित में इस बार केवल पार्टी का सिंबल पर्याप्त नहीं माना जा रहा। स्थानीय पकड़, व्यक्तिगत छवि, जातीय-सामाजिक समीकरण, बूथ प्रबंधन और बागी उम्मीदवारों की ताकत—इन सभी का परिणाम पर असर पड़ सकता है।

प्रचार खत्म, आरोपों की गूंज बाकी

प्रचार के अंतिम दिन अजमेर में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंकी। इसके बाद अब प्रत्याशियों के पास मतदाताओं से सीधे प्रचार करने का समय समाप्त हो चुका है। प्रचार समाप्ति के बाद सामने आए एक मामले में प्रतिबंध के बावजूद ऊंटगाड़ियों से प्रचार किए जाने की शिकायत भी सामने आई। कांग्रेस ने शिकायत करने की बात कही, जबकि प्रशासन की ओर से मामले को दिखवाने की बात कही गई।

अब असली परीक्षा प्रशासन और प्रत्याशियों दोनों की है—क्या मतदान शांतिपूर्ण रहेगा और क्या प्रत्येक मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाएगा?

राजस्थान में पहले चरण ने बढ़ाई दूसरे चरण की उम्मीदें

राजस्थान में 9 सितंबर को पहले चरण का मतदान हुआ था। प्रदेश में पहले चरण के 5,393 वार्डों में मतदान का आंकड़ा करीब 76.41 प्रतिशत रहा। कुछ स्थानों पर झड़प, फर्जी मतदान के आरोप और ईवीएम संबंधी तकनीकी दिक्कतों की खबरें भी सामने आईं।

अजमेर जिले के पहले चरण वाले छह निकायों में कुल मतदान 81.92 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहां 87,919 मतदाताओं में से 72,021 ने मतदान किया।

अब निगाहें अजमेर नगर निगम पर हैं।

कल किसका क्या होगा?

कल का मतदान कई नेताओं और प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। लेकिन अंतिम तस्वीर 14 सितंबर को मतगणना के बाद सामने आएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दोनों चरणों के पार्षद पदों की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी। इसके बाद महापौर और सभापति पदों के चुनाव 21 सितंबर तथा उपमहापौर/उपसभापति पदों के चुनाव 22 सितंबर को निर्धारित हैं।

अर्थात आज चुनाव प्रचार की आवाज बंद हुई है, लेकिन असली राजनीति अब शुरू हुई है।

अजमेर में कल जनता ईवीएम पर बटन दबाएगी और 14 सितंबर को वही बटन बताएगा कि 80 वार्डों में किसका संगठन भारी पड़ा, किसका उम्मीदवार जनता के करीब रहा और किस पार्टी के बागियों ने किसका गणित बिगाड़ा।

अब न भाषण चलेगा, न रैली—अब सिर्फ वोट चलेगा।

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