भाजपा की आपत्ति खारिज, किरण गढ़वाल मैदान में; अब अजमेर में महापौर पद के लिए सीधा मुकाबला

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भाजपा की आपत्ति खारिज, किरण गढ़वाल मैदान में; अब अजमेर में महापौर पद के लिए सीधा मुकाबला

अजमेर। अजमेर नगर निगम महापौर उपचुनाव की सियासी जंग गुरुवार को नाटकीय मोड़ पर पहुंच गई। कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति की संवीक्षा (स्क्रूटनी) के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उसे नियमानुसार खारिज कर दिया। निर्वाचन विभाग द्वारा नियम 78 के तहत जारी प्ररूप-4(क) (विधि मान्य नाम-निर्देशित अभ्यर्थियों की सूची) में दोनों प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही अब चुनावी रण में कांग्रेस की किरण गढ़वाल और भाजपा की अनामिका शर्मा के बीच आमने-सामने की सीधी टक्कर तय हो गई है।

नामांकन संवीक्षा और दिनभर का गतिरोध

​गुरुवार सुबह स्क्रूटनी के दौरान भाजपा प्रतिनिधियों ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए किरण गढ़वाल पर निगम का लगभग ₹19.18 लाख का गृहकर/कथित राजस्व बकाया होने का आरोप लगाया और नामांकन रद्द करने की मांग की।

  • कांग्रेस का बचाव: कांग्रेस विधि दल और प्रत्याशी पक्ष ने नगर निगम की ओर से जारी नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NOC) एवं संबंधित प्रकरण में अदालती स्थिति प्रस्तुत करते हुए नियमों के तहत अपनी अर्हता को स्पष्ट किया।
  • निर्णय: निर्वाचन अधिकारी ने साक्ष्यों और विधिक प्रावधानों के परीक्षण के बाद नामांकन को वैध माना।
  • निगम में तनाव: संवीक्षा के दौरान दोनों दलों के नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ व नारेबाजी के चलते निगम परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

सदन का गणित: बहुमत के लिए 41 की दरकार

​80 वार्डों वाले अजमेर नगर निगम में महापौर निर्वाचित करने के लिए जादुई आंकड़ा 41 है। किसी भी दल के पास पूर्ण बहुमत न होने से 11 निर्दलीय पार्षद ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ गए हैं।

कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए केवल 4 मतों की आवश्यकता है और पार्टी का दावा है कि उसके पास 5 निर्दलीय पार्षदों का खुला समर्थन है। दूसरी ओर, भाजपा को 9 वोटों की दरकार है और वह भी निर्दलीय खेमे में सेंधमारी कर समीकरण अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है।

आगामी चुनावी कार्यक्रम

  • नाम वापसी: नियमानुसार निर्धारित अंतिम समय तक प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का विकल्प रहेगा।
  • मतदान एवं परिणाम: 21 सितंबर को निगम सभागार में सभी 80 पार्षद गुप्त मतदान के जरिए नए महापौर का चुनाव करेंगे। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना कर आधिकारिक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

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