अजमेर।
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने और इसके मूल स्वरूप में बदलाव के प्रयासों के खिलाफ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के निर्देश पर अजमेर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
यह उपवास जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में गांधी भवन चौराहा, अजमेर पर किया गया, जिसमें अजमेर के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से उपवास रखकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा पर हमला : कांग्रेस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के करोड़ों गरीबों, मजदूरों और किसानों की जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है, समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा और कार्य दिवस सीमित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ रही है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां गरीब विरोधी हैं और मनरेगा को कमजोर कर सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहती है। कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।
शांतिपूर्ण उपवास के माध्यम से चेतावनी
यह एक दिवसीय उपवास सुबह से शाम तक चला। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा को लेकर अपना रवैया नहीं बदला, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मनरेगा का बजट बढ़ाने, लंबित मजदूरी का तुरंत भुगतान करने और योजना को पूरी मजबूती से लागू करने की मांग की ।
