ब्राविया में भाजपा की चुनावी बैठक, अब होटल को लेकर उठे सवाल

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होटल की वेबसाइट पर बार-लाउंज की पुष्टि, अजमेर में अवैध हुक्का बार पर कार्रवाई के बीच भाजपा नेताओं की बैठक ने खड़ा किया सवाल—क्या बैठक स्थल चुनने से पहले हुई थी जांच?

अजमेर। नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच अजमेर भाजपा की चुनाव कोर कमेटी की बैठक वैशाली नगर स्थित ब्राविया में आयोजित हुई। बैठक में राजस्थान नगर निकाय चुनाव के सह-प्रभारी एवं महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री चन्द्रशेखर बावनफुले, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक तैयारियों और नगर निकाय चुनाव में भाजपा की जीत की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। लेकिन अब बैठक के राजनीतिक एजेंडे से ज्यादा बैठक स्थल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

ब्राविया में बार है—यह होटल खुद बता रहा है

ब्राविया होटल की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक होटल में ‘The Hideout’ नाम से बार संचालित है। लेकिन आबकारी की वेबसाइट पर इसका नाम नहीं ,वेबसाइट इसे होटल की पहली मंजिल पर स्थित बार बताती है और शराब एवं गैर-मादक पेय उपलब्ध होने की जानकारी देती है। होटल की वेबसाइट पर रूफटॉप ‘Skynest’ का भी उल्लेख है, जहां कॉकटेल, वाइन और स्पिरिट्स उपलब्ध होने की बात कही गई है।

यानी यह तथ्य छिपा हुआ नहीं है कि बैठक एक ऐसे होटल में हुई जहां हिंदुत्व के नाम ओर वोट ले रहे नेता बार और लाउंज की सुविधा का आनंद ले रहे ।

हुक्का और नशे के आरोप?

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्राविया होटल में अवैध हुक्का या नशीले पदार्थ परोसे जाने के आरोप मीडिया ने सामने लाए ।

हालांकि अजमेर में अवैध हुक्का बार को लेकर पुलिस की कार्रवाई का मामला हाल में सामने आ चुका है। जून 2026 में गंज थाना पुलिस ने बोराज रोड स्थित एक कैफे पर छापा मारकर कथित रूप से अवैध हुक्का परोसने के मामले में कार्रवाई की थी। वहीं स्थानी न्यूज चैनल ने खुलास करते हुए वीडियो में ब्राविया में हुक्का परोसते वीडियो ब्यूवॉयरल किया था । पुलिस के अनुसार मौके से हुक्के बरामद हुए तथा हुक्का पीते मिले युवाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इस मामले में एक एएसआई की भूमिका को लेकर भी विवाद हुआ और उसे निलंबित किया गया।

लेकिन इस कार्रवाई का ब्राविया होटल से कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।

फिर सवाल क्यों?

सवाल यह नहीं है कि भाजपा नेता होटल में बैठक क्यों कर रहे थे। सवाल यह है कि क्या किसी राजनीतिक दल की महत्वपूर्ण चुनावी कोर कमेटी की बैठक के लिए स्थान तय करते समय उस प्रतिष्ठान की गतिविधियों और उसके लाइसेंस/अनुमतियों की जानकारी ली जाती है?

क्या भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को होटल के बार और लाउंज की जानकारी थी?

क्या बैठक स्थल का चयन संगठन ने किया या होटल प्रबंधन की ओर से स्थान उपलब्ध कराया गया?

यदि होटल को लेकर स्थानीय स्तर पर कोई शिकायत या आरोप प्रशासन के पास दर्ज हैं, तो क्या उनकी जांच हुई?

और यदि जांच में सब कुछ नियमों के अनुरूप पाया गया है, तो फिर विवाद की गुंजाइश ही क्या है?

‘राजनीतिक संरक्षण’ के आरोप—सबूत के साथ जांच जरूरी

स्थानीय मीडिया स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ ऐसे प्रतिष्ठान राजनीतिक प्रभाव या संरक्षण के कारण फल-फूल रहे हैं।

यही वजह है कि अब गेंद प्रशासन के पाले में है।

अजमेर पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि ब्राविया होटल के बार/लाउंज की अनुमतियां क्या हैं, वहां हुक्का संचालन की कोई अनुमति है या नहीं, और यदि कभी इस संबंध में शिकायत हुई है तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?

चुनाव में जनता पूछ सकती है सवाल

नगर निकाय चुनाव में सड़क, सफाई, पानी और विकास के साथ अब शहर की युवा पीढ़ी और नशे के खिलाफ नीति भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।

राजनीतिक दल युवाओं को नशे से दूर रखने की बात करते हैं। ऐसे में जनता का सवाल सीधा है—

जहां युवा संस्कृति और नशे से जुड़े विवादों की चर्चा हो, वहां राजनीतिक बैठकों का आयोजन करने से पहले क्या नैतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए?

अजमेर की जनता को आरोपों और अफवाहों के बजाय रिकॉर्ड, जांच और कार्रवाई के आधार पर सवाल पूछने चाहिए।

और सबसे बड़ा सवाल यही—

अगर ब्राविया में सब कुछ नियमों के मुताबिक है तो प्रशासन सामने आकर स्थिति साफ करे। अगर नियमों का उल्लंघन है तो कार्रवाई कौन करेगा?

चुनाव में जनता केवल नेताओं से वोट नहीं मांगेगी—जवाब भी मांगेगी।

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