रीवा | मध्य प्रदेश | अपराध एवं प्रशासनरीवा। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा का माहौल मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने तीन आदतन अपराधियों को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, आठ अन्य लोगों को एक साल तक प्रत्येक 15 दिन में संबंधित थाने में हाजिरी देने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकिरन सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत की गई है।
तीन आदतन अपराधियों को जिला बदर करने के आदेश
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, चुन्नू प्रजापति उर्फ दुर्गेश (22), निवासी कोरियान मोहल्ला, रीवा; अंजनी माझी (35), निवासी ग्राम ददरी; और मनीष कोल उर्फ कोक्को (24), निवासी ललपा, रीवा को जिला बदर किया गया है।आदेश के तहत इन्हें रीवा सहित मैहर, सतना, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष तक बाहर रहना होगा। चुन्नू प्रजापति उर्फ दुर्गेश वर्तमान में केंद्रीय जेल रीवा में निरुद्ध है। उसके मामले में जिला बदर की अवधि जेल से रिहा होने की तारीख से प्रभावी होगी।प्रशासन के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न थानों में मारपीट, धमकी देने, गाली-गलौज, अवैध शस्त्र, लूट और अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं। पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद गतिविधियों में कमी नहीं आने और लोक शांति प्रभावित होने की आशंका के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
आठ लोगों को हर 15 दिन में थाने में देनी होगी हाजिरी
जिला प्रशासन ने आठ अन्य लोगों को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3(1)(क) के तहत एक वर्ष तक प्रत्येक 15 दिन में अपने निवास क्षेत्र के संबंधित थाने में उपस्थित होकर हाजिरी देने का आदेश दिया है।इनमें शामिल हैं:दीपक पाण्डेय उर्फ भुल्ली, निवासी मझगवां।अमित सिंह चौहान, निवासी जतरी, डभौरा।बबुलिया उर्फ तुलसी रावत, निवासी ग्राम चोरहटा, रीवा।विकास सिंह पटेल उर्फ बेटू, निवासी ग्राम नरौरा।जितेन्द्र उर्फ जीतू कुशवाहा, निवासी ग्राम बैजनाथ।आशीष कुमार पाठक उर्फ पिंटू, निवासी नौवस्ता।राहुल पाण्डेय, निवासी ग्राम भिटवा।अंकित कुमार दीपांकर, निवासी वार्ड क्रमांक 7, पचामा, त्योंथर।प्रशासन के मुताबिक, इन व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज मामलों और लोक शांति बनाए रखने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नियमित थाने में उपस्थिति के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश का उल्लंघन करने पर हो सकती है कार्रवाई
जिला बदर किए गए व्यक्तियों को निर्धारित जिलों की सीमाओं से बाहर रहना होगा। सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।जिला प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों के बीच भय एवं असुरक्षा की स्थिति को रोकना है।अब प्रशासनिक आदेशों के पालन और पुलिस की निगरानी पर नजर रहेगी। जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए की गई इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
