हाई सिक्योरिटी जेल में बिल्लियां बनीं पहरेदार

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कोबरा घुसा तो बिल्लियों ने मचाया शोर, सो रहे गैंगस्टर की बची जान

अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में इन दिनों सुरक्षा का एक ऐसा अनोखा किस्सा सामने आया है, जिसने जेल की सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिल्लियों की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। यहां करीब 10 से 12 बिल्लियां अब जेल परिसर में सुरक्षाकर्मियों के साथ घूमती दिखाई देती हैं। चूहों से निजात पाने के लिए लाई गईं ये बिल्लियां अब कैदियों के बीच भी घुल-मिल गई हैं।

सबसे चौंकाने वाली घटना सितंबर की बताई जा रही है। जेल प्रशासन के अनुसार, रात के समय नाली के रास्ते एक जहरीला कोबरा सांप एक गैंगस्टर की सेल में पहुंच गया। उस समय कैदी सो रहा था और उसे सांप के सेल में घुसने की भनक तक नहीं थी।

इसी दौरान वहां मौजूद बिल्लियों की नजर कोबरा पर पड़ गई। बिल्लियों ने सांप को घेर लिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर सो रहे कैदी की नींद खुल गई। सामने कोबरा देखकर उसने तत्काल ड्यूटी पर तैनात संतरी को आवाज लगाई। इसके बाद जेल सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। समय रहते हुई इस कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

चूहों से परेशान था जेल प्रशासन

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार, वर्ष 2022 में जेल परिसर में चूहों की समस्या बढ़ गई थी। आसपास के जंगल और नालियों के रास्ते चूहे जेल परिसर में पहुंचते थे। इससे खाद्य सामग्री और बंदियों के सामान को नुकसान पहुंच रहा था। इसी समस्या से निपटने के लिए बिल्लियों को लाया गया था। धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़कर करीब 10 से 12 हो गई।

अब ये बिल्लियां जेल के प्रहरी दल के साथ परिसर में घूमती हैं। कई बंदी उन्हें रोटी और दूध भी खिलाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, बिल्लियों की आवाजाही पर भी नजर रखी जाती है, क्योंकि यह हाई सिक्योरिटी जेल है और सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।

जेल में बंद हैं कुख्यात अपराधी

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल प्रदेश की अति-सुरक्षित जेलों में शामिल है, जहां हार्डकोर अपराधियों और गैंगस्टरों को रखा जाता है। राजस्थान जेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट भी अजमेर में हाई सिक्योरिटी जेल को सूचीबद्ध करती है।

एक तरफ जेल में हाईटेक सुरक्षा और हथियारबंद प्रहरी हैं, तो दूसरी तरफ चूहों को भगाने के लिए लाई गई बिल्लियां भी अब अनजाने में सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन गई हैं। सितंबर की कोबरा वाली घटना ने इस अनोखे किस्से को और खास बना दिया है।

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