अजमेर। नगर निगम चुनाव के वार्ड 78 में मतदान समाप्त होने के बाद अब प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने स्तर पर जीत-हार का गणित लगाने में जुटे हैं। इस बार वार्ड में करीब 54 फीसदी मतदान हुआ है। मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने से मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस कम मतदान का फायदा किस प्रत्याशी को मिला और किसका वोटर घर से बाहर नहीं निकला।
मतदान के दौरान और बाद में स्थानीय लोगों से बातचीत में यह बात सामने आई कि इस बार मतदाताओं में चुनाव को लेकर पहले जैसी उत्सुकता नजर नहीं आई। कई लोगों ने मतदान में कम रुचि दिखाई। इसके पीछे प्रत्याशियों को लेकर असंतोष, स्थानीय मुद्दों का प्रभाव कम होना या मतदाताओं का चुनाव से दूरी बनाना—इनमें से कौन सा कारण प्रमुख रहा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
वार्ड 78 में भाजपा की भारती श्रीवास्तव और कांग्रेस के हामिद खान के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने चुनावी गणित को और जटिल बना दिया है। यदि निर्दलीय उम्मीदवारों ने किसी एक प्रमुख दल के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाई है, तो परिणाम बेहद कम अंतर से भी आ सकता है।
2021 में इसी वार्ड से कांग्रेस के हामिद खान ने भाजपा प्रत्याशी को 1,442 वोटों के अंतर से हराया था। लेकिन इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं। भाजपा के पास संगठन और अनुभवी प्रत्याशी की ताकत है, जबकि कांग्रेस अपने पुराने स्थानीय आधार को बनाए रखने की कोशिश में है।
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सबसे अहम सवाल 54 फीसदी मतदान को लेकर है। कम मतदान किसके समर्थक मतदाताओं की कम भागीदारी का संकेत है, यह बूथवार मतगणना के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन उपलब्ध परिस्थितियों में वार्ड 78 को कांटे की टक्कर वाला मुकाबला कहना ज्यादा उचित होगा।
अब सभी की नजर मतपेटियां खुलने पर है। मतगणना के दौरान ही स्पष्ट होगा कि कम मतदान किसके लिए वरदान बना और किसके लिए नुकसान।
