
मऊगंज तहसील के निरीक्षण में कमिश्नर ने एक से दो वर्ष और दो से पांच वर्ष पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के दिए निर्देश; नामांतरण-बंटवारा तीन माह से अधिक लंबित न रखने की हिदायत
मऊगंज/रीवा। आम आदमी की जमीन, नामांतरण, बंटवारा और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों को लेकर रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।कमिश्नर ने मऊगंज तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों, लंबित प्रकरणों, आरसीएमएस पोर्टल की स्थिति और कार्यालयीन व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तहसील भवन के विभिन्न कक्षों और कार्यालय परिसर का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आमजन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए।
पुराने प्रकरणों को पहले निपटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने एक से दो वर्ष तथा दो से पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक फाइलों का लंबित रहना आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनता है, इसलिए पुराने मामलों के निराकरण में विशेष गति लाई जाए।. नामांतरण और बंटवारे के प्रकरण तीन माह से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए, इसके लिए भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।अभिलेख दुरुस्ती से जुड़े पुराने मामलों की भी समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने एसडीएम को इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
‘कार्यालयों के चक्कर न लगवाएं’
कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम नागरिकों से जुड़ा है। जमीन और राजस्व से संबंधित प्रकरण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े होते हैं। ऐसे में नागरिकों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर लगाना न पड़े, यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है।उन्होंने समय-सीमा में मामलों का निराकरण सुनिश्चित करने के साथ राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।
50 दिन से पुरानी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सख्ती
निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन में पीएम किसान से संबंधित लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से समाप्त करने के निर्देश दिए।फोर्स क्लोज की जाने वाली शिकायतों में केवल औपचारिक जवाब दर्ज करने के बजाय तथ्यात्मक, स्पष्ट और उचित जवाब दर्ज कर जिला कार्यालय को भेजने की हिदायत दी गई।
पीएम किसान ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पीएम किसान ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति से कमिश्नर को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दोनों कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है और अधिकारियों को पात्र किसानों से संबंधित प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।कलेक्टर ने तहसीलदारों को इन कार्यों में गति बढ़ाने के साथ लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए
निरीक्षण के बाद आमजन से भी मिले कमिश्नर
तहसील निरीक्षण के बाद कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने आम नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम मऊगंज श्रीमती रश्मि चतुर्वेदी, तहसीलदार वीके पटेल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।कमिश्नर के निरीक्षण का संदेश साफ है—राजस्व की फाइल अब सिर्फ अलमारी में नहीं, समय-सीमा के भीतर जमीन पर नतीजे के साथ दिखनी चाहिए।
