कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उठाए सवाल; बोले—जिम्मेदारी तय होने तक संघर्ष जारी रहेगा
रीवा। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को रीवा पहुंचे और कांग्रेस के ‘न्याय सत्याग्रह’ में शामिल होकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। रीवा में पिछले दिनों से चल रहे इस आंदोलन में कांग्रेस स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रही है। पटवारी ने विशेष रूप से संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले को लेकर सरकार को घेरा। कांग्रेस इस मामले में चिकित्सा लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार किए जाने और लापरवाही से इनकार की बात भी सामने आई है। मामले में उच्चस्तरीय जांच और दो नर्सिंग अधिकारियों के निलंबन की जानकारी सार्वजनिक हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग से गरमाई सियासत
रीवा पहुंचते ही पटवारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस का कहना है कि जब तक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय नहीं होती और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारी के आगमन से पहले ही रीवा में कांग्रेस का न्याय सत्याग्रह राजनीतिक रूप से तेज हो चुका था। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “जवाब दो, हिसाब दो, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए।
कल्पना के पिता के आंदोलन को समर्थन
पटवारी ने कल्पना मिश्रा के पिता द्वारा न्याय की मांग को लेकर किए जा रहे अनशन को भी समर्थन दिया। परिवार की ओर से जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है। इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था और मॉडल रोड पर भी सवाल
रीवा दौरे के दौरान पटवारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था के अलावा शहर की विकास परियोजनाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनके द्वारा रीवा की कथित 150 करोड़ रुपये की मॉडल रोड, अस्पतालों की व्यवस्थाओं, आयुष्मान योजना और PPP मॉडल को लेकर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का जवाब अलग विषय है।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से भी गरमाया माहौल
पटवारी के रीवा पहुंचने के बीच कांग्रेस का प्रदर्शन भी आक्रामक नजर आया। इससे पहले युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया था, जिस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।रीवा में कल्पना मिश्रा प्रकरण पहले ही राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस नेताओं की ओर से लगातार स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है, जबकि मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।
रीवा से उठी आवाज अब भोपाल तक पहुंचेगी?
जीतू पटवारी के रीवा पहुंचने के साथ ‘न्याय सत्याग्रह’ ने राजनीतिक धार और तेज कर दी है। कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि कल्पना मिश्रा प्रकरण समेत स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे को वह अब प्रदेश स्तर पर उठाएगी। दूसरी ओर, सरकार और अस्पताल प्रशासन का पक्ष भी जांच के निष्कर्षों के साथ सामने आना महत्वपूर्ण होगा।**रीवा की सियासत में अब सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि जवाबदेही, स्वास्थ्य व्यवस्था और राजनीतिक जिम्मेदारी का बन चुका है।**
