
शीलेन्द्र सिंह ने आबकारी अधिकारियों को दिए दो टूक निर्देश, पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी और लगातार सर्चिंग के आदेश; सीमावर्ती इलाकों पर विशेष निगरानी के निर्देश
रीवा। सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अब रीवा संभाग में प्रशासन ने अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने आबकारी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि संभाग के किसी भी जिले में अवैध अथवा मिलावटी कच्ची शराब की सप्लाई और बिक्री किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय जमीन पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई देने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में कमिश्नर ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि रीवा संभाग के सभी जिलों में अवैध शराब के संभावित ठिकानों की लगातार निगरानी की जाए। पुलिस के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त टीमों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण किया जाए तथा संदिग्ध स्थानों पर अचानक छापेमारी कर अवैध शराब जब्त की जाए। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सीमावर्ती इलाकों पर रहेगी विशेष नजर
कमिश्नर ने उन क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जो दूसरे राज्यों की सीमाओं से लगे हुए हैं। प्रशासन को आशंका है कि सीमावर्ती रास्तों का इस्तेमाल अवैध शराब की आवाजाही के लिए किया जा सकता है। ऐसे में इन इलाकों में निगरानी और जांच व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।कमिश्नर ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि सागर जैसी घटना की पुनरावृत्ति रीवा संभाग में किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध या मिलावटी शराब के कारण किसी प्रकार की गंभीर घटना सामने आती है तो संबंधित आबकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मदिरा दुकानों से भी लिए जाएंगे सैंपल
अवैध शराब के साथ-साथ लाइसेंसी दुकानों से बिकने वाली मदिरा की गुणवत्ता पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। कमिश्नर ने आबकारी अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की मदिरा दुकानों से अनिवार्य रूप से शराब के नमूने लेने के निर्देश दिए हैं। नमूनों की जांच के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि बाजार में मिलावटी अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत शराब की बिक्री न हो।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें लगातार मिलती हैं, वहां टीमें नियमित रूप से सर्चिंग करें। कार्रवाई केवल रिकॉर्ड में दर्ज होने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव जमीन पर नजर आना चाहिए।
‘कार्रवाई दिखनी चाहिए’—कमिश्नर
बैठक में कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने आबकारी विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की और कार्रवाई की संख्या को लेकर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाए तथा कार्रवाई की गति बढ़ाई जाए।कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अवैध और मिलावटी शराब के कारण यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्र में सक्रिय निगरानी रखने और संभावित खतरे वाले स्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।प्रशासन का यह सख्त रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रदेश के दूसरे हिस्सों में जहरीली शराब से जुड़ी घटनाओं ने सरकारी तंत्र की चिंता बढ़ाई है। रीवा संभाग में अब आबकारी और पुलिस विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार करने और किसी संभावित त्रासदी को रोकने की होगी। कमिश्नर के निर्देशों के बाद अब देखना होगा कि रीवा, सतना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और संभाग के अन्य क्षेत्रों में आबकारी विभाग कितनी तेजी से जमीन पर कार्रवाई करता है। प्रशासन ने संकेत साफ कर दिए हैं—अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई अब केवल कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर दिखाई देनी चाहिए।
