अजमेर फॉयसागर-बोराज बाँध टूटने से बाढ़: राहत शिविरों में पहुँचे लोग, प्रशासन ने मुआवज़े का दिया भरोसा – जनता बोली, हमें पुनर्वास चाहिए

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अजमेर। बोराज बाँध टूटने से शनिवार रात को अचानक घरों में पानी घुस गया और सैकड़ों घर जलमग्न हो गए। SDRF और जिला प्रशासन ने मिलकर बड़ी संख्या में लोगों को बचाया और सरकारी स्कूलों व सामुदायिक भवनों में अस्थायी राहत शिविर बनाए।

🌊 बाढ़ का कहर

स्वस्तिक नगर, भरतनगर, रावत नगर, ज्योति नगर और आस पास की कॉलोनी में घरों के अंदर तक पानी भर गया। लोग रातभर छतों पर फँसे रहे। सुबह तक राहत दलों ने नाव और ट्रैक्टर से लोगों को सुरक्षित निकाला।

🚨 राहत व बचाव

SDRF, सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीमों ने 1000 से अधिक घरों को खाली कराया।

शिविरों में भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था की गई।

मेडिकल टीमों ने कैंप लगाकर दवाइयाँ बाँटी और फॉगिंग कराई।

💰 मुआवज़ा बनाम स्थायी समाधान

प्रशासन की ओर से कहा कि सर्वे के बाद हर प्रभावित परिवार को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा। लेकिन स्थानीय निवासियों ने मांग उठाई कि “मुआवज़ा नहीं, हमें सुरक्षित जगह पर स्थायी मकान चाहिए।”

💭 जनता की आवाज़

“हर बार मुआवज़ा लेकर क्या होगा? हमें कहीं और स्थायी घर चाहिए।” – महेंद्र , फॉयसागर रोड

“बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं है, प्रशासन हमें दूसरी जगह बसाए।” – गीता बाई, ज्योति नगर

मुआवजा स्थाई समाधान नहीं बदलना होगा इस सिस्टम को जिससे सरकारी पैसे का सदुपयोग हो सके ।

👨‍💼 विशेषज्ञों की राय कोई

“बाढ़ संभावित इलाकों में कॉलोनियाँ बसाना प्रशासनिक चूक है।” – शहरी विकास विशेषज्ञ

“पुनर्वास नीति लागू करना अब ज़रूरी है।” – पूर्व आपदा प्रबंधन अधिकारी

⚖️ बड़ा सवाल

क्या सरकार को सिर्फ मुआवज़े तक सीमित रहना चाहिए,
या अब समय आ गया है कि स्थायी पुनर्वास नीति बनाकर प्रभावितों को सुरक्षित क्षेत्रों में बसाया जाए ?

सवाल प्रशासन से

कब तक मुआवज़े पर ही निर्भर रहेंगे?

ज़ोन घोषित किया जाएगा?

कब बनेगी स्थायी पुनर्वास नीति?

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