मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बोले: बीएलओ लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी
जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देशभर के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) लोकतंत्र की सफलता के सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ उनके परिवार का हिस्सा हैं और निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शनिवार को सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित बीएलओ संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए करीब 700 बीएलओ एवं सुपरवाइजर्स को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राजस्थानी परंपरा के अनुसार “खम्मा घणी” कहकर अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राजस्थान को प्रथम स्थान दिलाने में यहां के बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बीएलओ की मेहनत और समर्पण के कारण राज्य निर्धारित समय से सात दिन पहले एसआईआर का कार्य पूरा करने में सफल रहा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान और कानून के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत लोकतांत्रिक देशों के वैश्विक संगठन की अध्यक्षता कर रहा है, जो विश्वभर में सशक्त एवं समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चुनावों में मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के प्रति जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। एसआईआर अभियान की सफलता में योगदान देने वाले बीएलओ को अतिरिक्त मानदेय दिए जाने पर उन्होंने राज्य सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग एक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है, लेकिन चुनाव के दौरान करीब 1.80 करोड़ अधिकारी एवं कर्मचारी इस प्रक्रिया से जुड़ जाते हैं, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी चुनावी व्यवस्था बन जाती है। इस विशाल तंत्र में बीएलओ आयोग और मतदाताओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
संवाद कार्यक्रम के दौरान बीएलओ एवं सुपरवाइजर्स ने अपने अनुभव साझा किए और निर्वाचन प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी दिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और समावेशिता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों से पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के मार्गदर्शन से बीएलओ को निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने की नई दिशा मिलेगी।
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राजस्थान ने बनाया रिकॉर्ड
उल्लेखनीय है कि राजस्थान ने एसआईआर के विभिन्न चरणों में देशभर में अग्रणी प्रदर्शन किया। अभियान शुरू होने से पहले 70 प्रतिशत तथा अभियान के दौरान 98 प्रतिशत तक मैपिंग कर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए इस अभियान में 52,490 बूथ स्तरीय अधिकारियों के प्रयासों से 5.48 करोड़ मतदाताओं का कार्य निर्धारित समय से पहले सफलतापूर्वक पूरा किया गया। अंतिम मतदाता सूची में अंता विधानसभा क्षेत्र को शामिल करने के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 5.17 करोड़ दर्ज की गई।
