कोलकाता, 13 जून। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर क्षेत्र स्थित दक्षिण 24 परगना जिला परिषद के बहुमंजिला सरकारी भवन में लगी भीषण आग ने चुनावी व्यवस्थाओं और सरकारी सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग की इस घटना में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM), बैलेट यूनिट और VVPAT मशीनें नष्ट हो गईं, जिसकी पुष्टि राज्य के अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और मंत्री ने की है ।
जानकारी के अनुसार आग 11 जून को भवन की निचली मंजिलों में शुरू हुई और बाद में ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। जिस भवन में आग लगी वहां कई सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं, जबकि आठवीं और नौवीं मंजिल पर चुनाव संबंधी सामग्री तथा ईवीएम रखी गई थीं। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को कई घंटे लगे।
राज्य के अग्निशमन राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा कि आग के फैलने का तरीका सामान्य नहीं प्रतीत होता। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग तीसरी या चौथी मंजिल से शुरू हुई, लेकिन बीच की कुछ मंजिलों को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाते हुए ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई, जहां ईवीएम रखी थीं। इसी कारण तोड़फोड़ या साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी जांच एजेंसी ने साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच में लगाया गया है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विभिन्न दलों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि चुनावी मशीनों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्न उठने लगे हैं।
