मानवाधिकार, सामाजिक संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था की समझ विकसित करने के उद्देश्य से दो सप्ताह का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
नई दिल्ली: (एनएचआरसी) ने विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के लिए मई 2026 का दो सप्ताह का ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू कर दिया है। देशभर के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त 1,417 आवेदनों में से विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के 100 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। यह कार्यक्रम 29 मई 2026 तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन एनएचआरसी अध्यक्ष Justice V. Ramasubramanian ने महासचिव Bharat Lal सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया 130 से अधिक सशस्त्र संघर्षों का सामना कर रही है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि विश्वभर में करोड़ों लोग विस्थापन और हिंसा से प्रभावित हैं, ऐसे समय में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और तकनीक ने संवाद के नए अवसर दिए हैं, लेकिन कई बार यही माध्यम अशांति और हिंसा को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विभिन्न विचारों को समझने, संवाद बनाए रखने और समाज के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।
एनएचआरसी महासचिव भरत लाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किया गया ऑनलाइन इंटर्नशिप मॉडल देशभर के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित हुआ है। अब आयोग हर वर्ष छह बैच आयोजित कर लगभग 600 विद्यार्थियों तक पहुंच बना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से समानता, न्याय और बंधुत्व के संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने की अपील की।
एनएचआरसी की संयुक्त सचिव Saidingpuii Chhakchhuak ने बताया कि कार्यक्रम में 45 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मानवाधिकार, कानून, मानसिक स्वास्थ्य, बाल अधिकार, सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। प्रशिक्षुओं को तिहाड़ जेल, पुलिस थाना और आश्रय गृहों के वर्चुअल अवलोकन भी कराए जाएंगे।
कार्यक्रम में पुस्तक समीक्षा, भाषण प्रतियोगिता और समूह अनुसंधान परियोजना जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी।
