नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को जनगणना 2027 के पहले चरण में भाग लेते हुए अपने सरकारी आवास पर डिजिटल ‘स्व-गणना’ (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया पूरी की। इसके साथ ही देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की औपचारिक शुरुआत का संकेत मिला है। इस नई व्यवस्था के तहत नागरिक स्वयं अपने घर और परिवार से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था को मजबूत करने का आधार है। उन्होंने इसे “नए युग की शुरुआत” बताते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम अपनाने से आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर होगी और योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तकनीक के उपयोग से समय की बचत होगी और मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी।
ओम बिरला ने ‘जनगणना से जनकल्याण’ के उद्देश्य को दोहराते हुए देशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर देश के विकास की योजनाएं और अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकें।
इस दौरान , जो भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त हैं, पंजीकरण प्रक्रिया में सहयोग के लिए उपस्थित रहे। सरकार का मानना है कि डिजिटल जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मजबूत आधार साबित होंगे।

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