11 साल अनुपस्थित रही शिक्षिका को शहर में पोस्टिंग ?

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DEO के खिलाफ लोकायुक्त में मुकदमा दर्ज


नियमों के विपरीत कार्यवाही का आरोप, शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों सहित उठाए गंभीर सवाल

जयपुर /बीकानेर
बीकानेर में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें उदयरामसर निवासी सीमा यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) बीकानेर किशन दान चारण के खिलाफ लोकायुक्त में मुकदमा दर्ज करवाया है। यह कार्रवाई विभागीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद की गई है।

जानकारी अनुसार, सीमा यादव ने आरोप लगाया है कि किशन दान चारण ने 11 वर्षों की लंबी अनुपस्थिति के बाद पुष्पा चौधरी (अध्यापिका लेवल-2) को नियमों के विरुद्ध पुनः कार्यग्रहण करवाया और उसे दूरस्थ ग्रामीण विद्यालय से सीधे शहर के विद्यालय में पदस्थापित कर दिया। इतना ही नहीं, उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित आदेश में निदेशक से अनुमति प्राप्त होने का उल्लेख किया , लेकिन जब उन्होंने राजकाज पोर्टल से पत्र की प्रति प्राप्त कर जांच की तो उसमें ऐसी कोई अनुमति नहीं पाई गई। पत्र में केवल राज्य सरकार के 13 दिसंबर 2021 और निदेशक के 21 दिसंबर 2021 के परिपत्रों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

सीमा यादव के अनुसार, इन परिपत्रों में स्पष्ट प्रावधान है कि 5 वर्ष से अधिक अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ सेवा समाप्ति (टर्मिनेशन) की कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बावजूद संबंधित शिक्षिका को न केवल सेवा में पुनः लिया गया, बल्कि 11 वर्षों बाद सीधे शहर में नियुक्ति दे दी गई, जबकि पूर्व में उनकी पोस्टिंग बीकानेर से लगभग 70 किलोमीटर दूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जालवाली में थी।

शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार और नियमों की अवहेलना बताते हुए निदेशक स्तर पर भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने लोकायुक्त की शरण ली।

लोकायुक्त में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अब इस प्रकरण में मुकदमा संख्या 5(14)LAS/2026 दर्ज कर लिया गया है।

अब इस मामले में लोकायुक्त की जांच और आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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