बैंक सुरक्षा फेल: अजमेर के सावर में बैंक लॉकर से करोड़ों के गहने चोरी

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अजमेर | सावर
अजमेर जिले के सावर कस्बे में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में हुई सनसनीखेज लॉकर चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चोरों ने बैंक की छत काटकर लॉकर रूम में प्रवेश किया और दो लॉकर तोड़कर सोना-चांदी पर हाथ साफ कर दिया। मामले में सावर थाना में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, चोरों ने लॉकर नंबर 60 और 64 को निशाना बनाया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि एक लॉकर में 800 ग्राम से अधिक सोना, जबकि दूसरे लॉकर में करीब 280 ग्राम सोना और 650 ग्राम चांदी रखी थी। कुल मिलाकर चोरी गए आभूषणों की मात्रा एक किलोग्राम से अधिक सोना और बड़ी मात्रा में चांदी बताई जा रही है। चोरी का अनुमानित मूल्य करोड़ों रुपये में आंका जा रहा है, हालांकि अंतिम आंकड़ा लॉकर धारकों के विस्तृत बयान और दस्तावेजी सत्यापन के बाद तय होगा।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि लॉकर धारकों में से एक का संबंध पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा के वरिष्ठ निजी सहायक के परिवार से बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संबंधित लॉकर राजेंद्र भट्ट के पुत्र के नाम दर्ज है। वहीं दूसरा लोकेश पारिक के नाम बताया जा रहा है ।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बैंक परिसर को सील कर दिया है। फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह भी जांच की जा रही है कि चोरों को बैंक के लेआउट और लॉकर रूम की सटीक जानकारी कैसे मिली। पुलिस का मानना है कि वारदात पूरी तरह योजनाबद्ध है, क्योंकि चोरों ने अन्य लॉकरों या कैश काउंटर को हाथ नहीं लगाया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही संदिग्धों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, अलार्म सिस्टम और रात के समय निगरानी में हुई चूक की भी समानांतर जांच की जा रही है।

फिलहाल, यह मामला राज्य में बैंकिंग सुरक्षा और लॉकर सुरक्षा मानकों पर बहस का विषय बन गया है। पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और तथ्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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