जोहान्सबर्ग/नई दिल्ली। (एजेंसी)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंचते ही उनका भव्य सांस्कृतिक अंदाज़ में स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर पारंपरिक कलाकारों ने नृत्य-गान के साथ प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए जमीन पर लेटकर प्रणाम किया। यह दृश्य तेजी से सोशल मीडिया और समाचार सुर्खियों में छा गया।
मोदी G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे हैं। इस सम्मेलन में भारत की भूमिका और ग्लोबल साउथ के एजेंडे को केंद्र में रखकर चर्चा होने की संभावना है।
स्वागत के इस अद्वितीय अंदाज़ का पीएम मोदी ने भी आदर के साथ जवाब दिया और कलाकारों के अभिवादन को नम्रता से स्वीकार किया। यह सम्मान दक्षिण अफ्रीका की पारंपरिक सांस्कृतिक शैली का हिस्सा माना जा रहा है, जो प्रतिष्ठित मेहमानों के स्वागत का प्रतीक है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह स्वागत दो देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों की गर्माहट को दर्शाता है। मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है।
सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी साझेदारी और विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर भी भारत की ओर से अहम पहलें रखी जाएंगी।
कई सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि यह वही देश है जिसे अमेरिका ने हाल ही में चेतावनी दी थी और कि मोदी “धमकी दिए गए देश” से मिलने पहुंचे। परंतु किसी भी विश्वसनीय स्रोत में ऐसा दावा नहीं पाया गया है। दक्षिण अफ्रीका में यह स्वागत सांस्कृतिक परंपरा के तहत हुआ, न कि किसी राजनीतिक दबाव या टकराव की वजह से।
