आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मरेडुमिल्ली जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मंगलवार सुबह हुई मुठभेड़ में देश के सबसे कुख्यात नक्सली नेताओं में से एक मडवी हिडमा मारा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिडमा के साथ उसकी दो पत्नियाँ और चार बॉडीगार्ड भी ढेर हुए। हालांकि घटना की आधिकारिक सरकारी विज्ञप्ति अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन कई विश्वसनीय सुरक्षा स्रोतों ने उसकी मौत की पुष्टि की है।
बस्तर से लेकर दंडकारण्य तक सक्रिय PLGA बटालियन-1 का कमांडर हिडमा सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ था। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है। छत्तीसगढ़ में 2010 का ताड़मेटला हमला, 2013 का झीरम घाटी नरसंहार और 2021 में 22 जवानों की हत्या वाली इन घटनाओं में उसका नाम प्रमुख रूप से उभरता रहा।
पुलिस के अनुसार मारे गए माओवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और संचार उपकरण भी बरामद किए गए हैं। प्रदेश पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम बीते कई दिनों से इस क्षेत्र में एक विशेष अभियान चला रही थी।
सूत्रों का कहना है कि हिडमा की मौत नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि वह दंडकारण्य जोन में भर्ती, हमलों की योजना और नेतृत्व का मुख्य चेहरा था। वहीं सुरक्षा एजेंसियाँ अब औपचारिक पहचान की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।
सरकारी स्तर पर आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति का इंतजार है, जिसके जारी होते ही तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
साभार प्रभा साक्षी

https://shorturl.fm/Bsvps