विश्वप्रसिद्ध श्री पुष्कर राज मेला-2025: के सफल आयोजन को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मेला आयोजन से जुड़ी सभी प्रमुख व्यवस्थाओं — सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, पशु मेला प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और विकास प्रदर्शनी — पर विस्तृत चर्चा की गई।
संभागीय आयुक्त राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वित और समयबद्ध तरीके से अपने कार्य पूरे करें। उन्होंने कहा कि पुष्कर मेला एक विश्वस्तरीय आयोजन है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छता और सुव्यवस्था का श्रेष्ठ अनुभव मिलना चाहिए।
नगर परिषद और सार्वजनिक निर्माण विभाग को सड़कों के किनारे झाड़ियां, मलबा हटाने और क्षेत्र की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को ढीले तारों की मरम्मत और अस्थायी कनेक्शनों की सुरक्षा जांच के आदेश मिले। रसद विभाग को अवैध गैस सिलेंडरों की जांच और जब्ती की कार्यवाही करने को कहा गया।
गृह विभाग को भीड़ नियंत्रण, असामाजिक तत्वों की निगरानी, अस्थायी थानों और चौकियों की स्थापना तथा महिला सुरक्षा के लिए सिविल ड्रेस में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और मंदिर क्षेत्र में क्राउड मैनेजमेंट के लिए पूर्वाभ्यास करने को कहा गया।
पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए कि मेले के दौरान प्रत्येक दिवस अलग थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर राजस्थान की लोकसंस्कृति को प्रदर्शित किया जाए। वहीं, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, विद्युत, चिकित्सा, पशुपालन आदि विभागों को पारस्परिक समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
आईजी राजेंद्र सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रकार के लाइसेंसों की समीक्षा करने और रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए। तीर्थयात्रियों की निजता को ध्यान में रखते हुए घाटों पर स्नान के समय वीडियोग्राफी पर रोक की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने कहा कि मेला आयोजन सामूहिक जिम्मेदारी है। पशुपालकों और व्यापारियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं, ऑनलाइन पोर्टल से स्थल आवंटन और हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रकाश, ध्वनि और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पशु प्रतियोगिता स्थल पर चारा, पेयजल और चिकित्सकीय दल की 24 घंटे उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहेगी।
विकास प्रदर्शनी में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को प्राथमिकता से प्रदर्शित करने तथा राजीविका उत्पादों के विक्रय केंद्रों को आकर्षक स्वरूप देने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि मेले में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जाप्ता तैनात रहेगा। दड़ा थाने में चौबीसों घंटे पुलिस दल की ड्यूटी रहेगी। घाटों और सरोवर क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। सरोवर की गहराई वाले हिस्सों पर चेतावनी संकेत, रेस्क्यू ट्यूब्स, रस्सियां और सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे।
बैठक में जिला परिषद सीईओ रामप्रकाश, एडीए आयुक्त नित्या के., एडीएम गजेन्द्र सिंह राठौड़, ज्योति ककवानी, एएसपी डॉ. दीपक कुमार, एसडीएम गुरु प्रसाद तंवर, डॉ. सुनील घीया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
📰 — संवाददाता, अजमेर
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