
रीवा रीवा। शहर के निजी नेशनल हॉस्पिटल में शनिवार देर रात हुए लिफ्ट हादसे में करीब 50 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा खड़ा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की भी बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। परिजनों और पुलिस के बीच झड़प हुई और परिजनों ने पुलिस पर मारपीट तथा जमीन पर घसीटने का आरोप लगाया है।बताया जा रहा है कि मरीज को अस्पताल की लिफ्ट से ले जाया जा रहा था, तभी अचानक लिफ्ट में गंभीर खराबी आ गई और वह नीचे की ओर गिर गई। हादसे के दौरान मरीज बुरी तरह फंस गया। परिजनों के अनुसार उसका सिर और गर्दन लिफ्ट के दरवाजे के हिस्से में फंसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती है। उनका कहना है कि यदि लिफ्ट की नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल को बंद करने की मांग की।हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान परिजनों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कुछ लोगों को जमीन पर घसीटा। हालांकि पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। अब पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लिफ्ट में यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर इसके रखरखाव में लापरवाही बरती गई।नेशनल हॉस्पिटल में मरीज की मौत ने निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या किसी की लापरवाही ने एक मरीज की जान ले ली।
