
मऊगंज
लौर थाना क्षेत्र के अल्हौआ गांव में पेट्रोल डालकर एक युवक को जिंदा जलाने की कथित वारदात अब मौत के साथ एक बेहद दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गई है। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद गंभीर रूप से झुलसे अजहरुद्दीन उर्फ राजू अंसारी ने 28 अगस्त को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश भी गहरा गया है।बताया गया है कि 24 अगस्त को अजहरुद्दीन के साथ यह भयावह घटना हुई थी। आग से उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया था, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में उपचार के लिए संजय गांधी स्मृति अस्पताल, रीवा ले जाया गया। चिकित्सकीय उपचार के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और आखिरकार चार दिन बाद उसने जिंदगी की जंग हार दी।मृतक के पिता अहमद अली उर्फ बड़कू, निवासी अल्हौआ, ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बयान करते हुए आरोप लगाया कि उनका बेटा अपने त्योहार की तैयारियों में जुटा हुआ था। इसी दौरान गांव के ही रामरहीस जायसवाल ने कथित रूप से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। देखते ही देखते युवक आग की लपटों में घिर गया और उसके शरीर के कई हिस्से गंभीर रूप से झुलस गए।घटना की सूचना मिलते ही लौर थाना पुलिस हरकत में आई और पुलिस ने आरोपी रामरहीस जायसवाल को करीब 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। लेकिन अब अजहरुद्दीन की मौत के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है तथा पुलिस जांच की दिशा और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।इधर, मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस घटना के पीछे केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है। परिजन अब कथित सहयोगियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल कोई भी व्यक्ति कानून की पकड़ से बाहर न रह सके।एक युवक चला गया, लेकिन पीछे छोड़ गया कई सवाल—आखिर उस दिन अल्हौआ गांव में क्या हुआ था? क्या घटना में केवल एक व्यक्ति शामिल था या पर्दे के पीछे और भी चेहरे हैं? अब इन सवालों का जवाब निष्पक्ष पुलिस जांच से ही सामने आएगा।मऊगंज की यह घटना अब सिर्फ आगजनी का मामला नहीं रही, बल्कि एक युवक की मौत के बाद न्याय और पूरी सच्चाई सामने लाने की बड़ी मांग बन चुकी है।
