मनोकामनापूर्ण रोग निवारक विशेष महाआरती माता का नवरात्र महोत्सव धूमधाम से हुआ सम्पन्न
अजमेर। फॉयसागर रोड स्थित माता पदमावती मंदिर में नवरात्र महोत्सव का समापन मंगलवार, 30 सितंबर को अष्टमी की रात भव्यता और श्रद्धा के साथ हुआ। इस अवसर पर “मनोकामनापूर्ण रोग निवारक विशेष महाआरती” का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु दूर-दराज़ से पहुंचकर शामिल हुए।
मंदिर समिति ने बताया कि इस विशेष आरती में भाग लेने से असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को लाभ मिलता है। खासतौर पर वे रोगी जिन्हें दवाइयों से आराम नहीं मिलता, तथा माइग्रेन से जूझ रहे लोगों के लिए यह आरती कल्याणकारी मानी जाती है। कई श्रद्धालु पूर्व अनुभवों के आधार पर इस आरती से लाभान्वित होने की बात स्वीकार चुके हैं।
पूरे आयोजन का संचालन गुरु मां श्रीमती मोना जी (धर्मपत्नी स्व. राजेश जैन ‘गुरुजी’) के मार्गदर्शन में हुआ। मां पदमावती का दिव्य श्रृंगार और गगनभेदी मंत्रोच्चारण ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रृंगार सेवा में दीया गुप्ता, मीना जिंदल, मन्नू सहित कई भक्तजनों का विशेष सहयोग रहा।
इस महाआरती में किशन खंडेलवाल, मनोज कुमार (किशनगढ़), सतीश टाक, किशन गुप्ता, रामूजी पहलवान, एवीएन श्रीमती अर्चना, श्रीमती पंकज लता, श्रीमती ज्योति, श्रीमती पुनम, जूली सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समिति सदस्यों ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया और भक्तों का स्वागत किया।
महाआरती के उपरांत गुरु मां मोना देवी ने श्रद्धालुओं को माताजी का खजाना वितरित किया, जिसे सभी ने विशेष अनुभव बताया। भक्तों ने कहा कि नवरात्र जैसे पावन पर्व पर मां पदमावती की आराधना से मनोबल और भक्ति दोनों सशक्त होते हैं।
मंदिर समिति का मानना है कि अजमेर का यह एकमात्र मंदिर है जहाँ भक्त स्वयं माता की आरती अपने हाथों से करते हैं। यही परंपरा इसे शहर के अन्य मंदिरों से अलग पहचान दिलाती है और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।
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