यूनुस–हसीना की भिड़ंत से जल उठा बांग्लादेश, सड़कों पर तनाव चरम पर
बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता और अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस तथा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच टकराव लगातार उग्र होता जा रहा है। हसीना के खिलाफ चल रहे मामलों और अदालत में लंबित फैसलों ने देशभर में माहौल को भड़का दिया है। अवामी लीग समर्थकों ने ढाका से लेकर गोपलगंज तक हिंसक प्रदर्शनों की शुरुआत कर दी है। कई जगह आगजनी, पथराव और क्रूड बम हमलों की घटनाएँ दर्ज हुई हैं, जिससे शहरों में दहशत फैल गई है।
सरकार का दावा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, जबकि हसीना समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। विरोध के बीच कई जिलों में वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और सुरक्षाबलों पर हमला किया गया। ढाका में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि कई इलाकों में दुकानें और परिवहन सेवाएँ बंद रहीं।
उधर, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा हसीना के खिलाफ चल रही सुनवाई और हालिया अवमानना मामले में सजा ने राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है। यूनुस सरकार ने अवामी लीग की कई गतिविधियों पर रोक लगाई है, जिसे विपक्ष लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहा है।
स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि सरकार ने 400 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को सड़कों पर उतारना पड़ा। देश चुनावों की ओर बढ़ने की तैयारी में है, लेकिन बढ़ती हिंसा और राजनीतिक ध्रुवीकरण ने बांग्लादेश के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।
हालात को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है, हालांकि कितनी जल्दी स्थिति सामान्य होगी, कहना मुश्किल है।
