पात्रता की जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुई नियुक्तियां, सातवें वेतनमान में ₹19,500 से शुरू होगा मूल वेतन; तीन वर्ष की परिवीक्षा पर रहेंगे कर्मचारी
सीधी। लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे नौ पात्र अभ्यर्थियों के लिए सीधी जिले से राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित प्रकरणों पर कार्रवाई पूरी करते हुए नौ अभ्यर्थियों की नियुक्ति एवं पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा के आदेश के बाद संबंधित परिवारों के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है।प्रशासनिक स्तर पर संबंधित प्रकरणों की जांच, पात्रता परीक्षण और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए उपयुक्त पाया गया। इसके बाद जिला स्तरीय प्रक्रिया के आधार पर अलग-अलग कार्यालयों में पदस्थापना दी गई है।
इन नौ अभ्यर्थियों को मिली जिम्मेदारी
जारी आदेश के मुताबिक धीरज कुमार वर्मा की पदस्थापना न्यायालय नायब तहसीलदार, वृत्त सेमरिया में की गई है। प्रांजल मिश्रा को कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा, जबकि सत्यम सिंह चौहान को कार्यालय उपखंड अधिकारी (राजस्व), मझौली में नियुक्त किया गया है।इसी तरह विजय सिंह को उपखंड अधिकारी (राजस्व) कुसमी कार्यालय, अमन सिंह को कलेक्टर कार्यालय की अधीक्षक शाखा और शिव बहादुर रातव को कलेक्टर कार्यालय, जिला सीधी में पदस्थ किया गया है।अमित कुमार सिंह चौहान को तहसीलदार कार्यालय सिहावल, बृजेश कुमार पाण्डेय को उपखंड अधिकारी (राजस्व) सिहावल, लिंक कोर्ट बहरी तथा रोहित सिंह चौहान को तहसीलदार कार्यालय चुरहट में पदस्थापना मिली है।
₹19,500 से शुरू होगा मूल वेतन
नियुक्त किए गए सभी अभ्यर्थियों को सातवें वेतनमान के तहत ₹19,500 से ₹62,000 के वेतनमान में नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार उनका प्रारंभिक मूल वेतन ₹19,500 निर्धारित रहेगा। इसके अतिरिक्त शासन के नियमानुसार समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ते सहित अन्य देय लाभ मिलेंगे।हालांकि नियुक्ति को फिलहाल तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए अस्थायी आधार पर रखा गया है। यानी नियुक्त कर्मचारियों को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुरूप सेवा पूरी करनी होगी।
कंप्यूटर दक्षता भी होगी जरूरी
अनुकंपा नियुक्ति के साथ अभ्यर्थियों के लिए कंप्यूटर संबंधी योग्यता की शर्त भी रखी गई है। नियुक्त कर्मचारियों को मान्यता प्राप्त संस्था से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा हासिल करना होगा और CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य रहेगा।कलेक्टर द्वारा आदेश जारी होने के साथ ही उन नौ परिवारों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हुई है, जिनके पात्र सदस्यों को अब सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिला है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
